31 मार्च तक नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत ऐसे पाएं टैक्स में छूट

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अगर आप नौकरीपेशा हैं और इनकम टैक्स को लेकर जानकारी चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए है. वित्तीय वर्ष 2017-18 खत्म होन में अभी दो हफ्तों का समय बचा है, ऐसे में करदाताओं के लिए इन्कम टैकेस में छूट पाने के लिए अधित समय नहीं बचा है. आपको बता दें कि इन्कम टैक्स के क्लॉज 80C के तहत 1 लाख 50 तक की कटौती का प्रावधान है. इसके अलावा आप राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के जरिए 50 हजार के अतिरिक्त निवेश पर भी टैक्स की मार से बच सकते हैं. बता दें कि इस सेवा का लाभ करदाता 31 मार्च, 2018 तक ही उठा सकते हैं.

पेंशन सिस्टम से जुड़ी सारी सेवाएं सभी एनपीएस शाखाओं पर उपलब्ध है. सरकार ने 1 मई 2009 से देश के सभी नागरिकों के लिए एनपीएस सेवा शुरू की थी. जानकारी के मुताबिक करदाता एनपीएस में 2 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स में छूट का क्लेम कर सकते हैं. इस सेवा का लाभ उठाने के लिए टैक्सपेयर के पास आधार कार्ड और पैन कार्ड होना चाहिए ताकि बैंक के केवाईसी औपचारिकताओं को पूरा किया जा सके.

इसके लिए सबसे पहले करदाता को प्वाइंट्स ऑफ प्रेजेंस सेवा प्रदाता केंद्र पर जाकर पर्मानेंट रियायरमेंट अकाउंट नंबर फॉर्म भरना होगा. इस फॉर्म को KYC डॉक्यूमेंट्स के साथ भरमा आवश्यक है. सभी प्रकार की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रिकॉर्ड रखने वाली केंद्रीय एजेंसी के द्वारा करदाता का कार्ड उसके दिए हुए पते पर भिजवा दिया जाता है.

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स्टैंडर्ड डिडक्शन

आम बजट 2018 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्टैंडर्ड डिडक्शन का प्रस्ताव दिया है. इसके लागू होने पर 2.5 करोड़ टैकेसपेयर्स को फायदा मिलेगा. इनकम टैक्स छूट के नाम पर सीधे तौर पर 40000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन होगा और मेडिकल, ट्रांसपोर्ट अलाउंस इससे हट जाएंगे. इसका साफ मतलब है कि ट्रांसपोर्ट अलाउंस (19200 रुपये) और मेडिकल रिम्बर्समेंट (15000 रुपये) हट जाएंगे. स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा उन वरिष्ठ नागरिकों को खास तौर से मिलेगा जिन्हें अब तक मेडिकल और ट्रांसपोर्ट का फायदा नहीं मिलता था.

लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स

इक्विटी निवेश पर सरकार ने लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स फिर से पेश किया है. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स उन लोगों पर लागू होगा जिनकी शेयर बिक्री से आय 1 लाख रुपए से अधिक है. एक अप्रैल से नए नियम के मुताबिक 1 लाख से अधिक आय पर 10 फीसदी टैक्स चुकाना होगा इसके साथ ही अतिरिक्त सेस भी वसूल किया जाएगा. हालांकि, टैक्स अदा करने वालों को राहत देते हुए 31 जनवरी 2018 तक की आय पर कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा.

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