चंडीगढ़/जालंधर.नवंबर2016 में हुए नाभा जेल ब्रेक के आरोपियों को हथियार सप्लाई करने वाले जतिंदर सिंह टोनी को उसके एक साथी के साथ पकड़ लिया गया है। दोनों का संबंध बब्बर खालसा से है। पंजाब पुलिस ने यूपी एटीएस के साथ साझा ऑपरेशन के बाद मंगलवार को उसे यूपी के लखीमपुर से अरेस्ट किया। दोनों पर बब्बर खालसा से जुड़े आतंकी बाबा बलवंत को हथियार सप्लाई करने का भी आरोप है। दोनों पंजाब में बड़ी वारदात की फिराक में थे। टोनी नाभा जेल ब्रेक और सतनाम नवांशहर के मुकंदपुर में हुई एक वारदात को लेकर वाॅन्टेड था। इनपुट के बाद पंजाब पुलिस ने यूपी पुलिस की एटीएस के आईजी असीम अरुण से संपर्क किया। इसके बाद मंगलवार को दोनों आतंकियों को पकड़ लिया गया। नाभा जेल ब्रेक मामले में पहले पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में इन दोनों के नाम सामने आए थे।
नेपाल भगाने के लिए यूपी के एक आईजी से आतंकियों का एक करोड़ में हुआ था सौदा
जतिंदरसिंह टोनी और सतनाम सिंह समेत बब्बर खालसा के कई आतंकियों को भगाने के लिए यूपी पुलिस के आईजी स्तर के एक अफसर ने 1 करोड़ मांगे थेे, जिसकी पहली किश्त के रूप में 45 लाख दे भी दिए गए थे। उधर, पता चला है कि यूपी के प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने जांच एडीजीपी को सौंपी है। उस अफसर से आतंकियों से संपर्क स्थापित करने में यूपी के बड़े माफिया ने भूमिका निभाई थी। प्रमुख सचिव (गृह) ने उस अफसर के खिलाफ जांच के निर्देश देने की पुष्टि की है। सूत्र बताते हैं कि आतंकियों के फोन रिकाॅर्ड की जांच के बाद सामने आया था कि कुछ आतंकी यूपी पुलिस के आईजी स्तर के एक अफसर के संपर्क में थेे। आतंकी उस अफसर की मदद से नेपाल भागने की फिराक में थे। नाभा जेल ब्रेक के आरोपी अमनदीप और रिंपल के बीच फोन पर अफसर से डील हो जाने की बात भी लीक हुई थी।
पटियाला से गैंगस्टर गुरजीत लाडा भी अरेस्ट
नाभाजेल ब्रेक कर छह लोगों को भगाने की साजिश में शामिल एक और आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया है। आरोपी गुरजीत सिंह लाडा फर्जी नंबर लगी पोजेरो गाड़ी में राजपुरा की तरफ जा रहा था। इसी बीच सीआईए स्टाफ ने उसे पकड़ लिया। सीआईए स्टाफ ने पुलिस के साथ नाका लगाया था, यहां आरोपी ने पुलिस को टक्कर मार फरार होने की कोशिश की थी। गाड़ी से एक 30 बोर की पिस्टल, 44 कारतूस, वोटर कार्ड, एक पैन कार्ड, नकली पासपोर्ट आिद बरामद हुए हैं।