MP गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने बलात्कार पीड़ित का नाम किया सार्वजनिक, क्या अब दर्ज होगी एफआईआर?


मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने पुलिस की कार्रवाई के बारे में बताते हुए सोशल मीडिया ट्विटर पर उजागर कर दिया। जबकि नियमों के मुताबिक ऐसे मामलों में पीड़ित का नाम उजागर नहीं किया जाता है। गृहमंत्री ने ट्वीट कर लिखा, ‘जनसेवा निराकरण: ग्राम सुन्द्रेल देवास में 5 नवम्बर को हुई बलात्कार व हत्या की घटना की शिकायत जनसेवा में प्राप्त हुई। इस सम्बन्ध में पुलिस को जल्द कार्यवाही के आदेश दिए गए थे। कुमारी (……..) की हत्या के आरोपी लोकेश के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया गया है।’
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के देवास जिले में पांच नवंबर को सातवीं कक्षा की छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस वारदात की ‘जनसेवा’ में शिकायत की गई थी। शिकायत का निराकरण होने यानी घटना के आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी को लेकर गृह मंत्री के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दी गई।
प्रदेश के गृहमंत्री से हुई इस लापरवाही के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि लापरवाही की घटना सुर्खियों में आने के बाद गृहमंत्री ने अपना विवादित ट्वीट हटा दिया है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद गृहमंत्री ने खेद प्रकट किया है। भूपेंद्र सिंह ने लिखा है कि, ‘हम आमजन की समस्या निवारण के लिए पृथक जनसेवा निराकरण सेल संचालित कर रहे हैं। जिसमें सोशल मीडिया के ज़रिए जनसमस्याएँ सुनी जाती है। इसी सेल के एक कर्मचारी ने त्रुटिवश पीड़ित बालिका का नाम सार्वजनिक कर दिया। उस कर्मचारी को तत्काल सेल से हटा दिया गया है। मुझे इस त्रुटि के लिए खेद है।’
पिछले साल ऐसे ही एक मामले में बलात्कार पीड़ित लड़की की पहचान उजागर करने पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। दिल्ली पुलिस ने स्वाति मालीवाल के खिलाफ धारा 228ए के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
अब ये सवाल खड़ा हो गया है कि क्या मध्यप्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के खिलाफ मध्यप्रदेश पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी या नहीं।





