मां और भाई शादी को मानने के लिए तैयार नहीं हुए तो प्रियंका ने फोन कर प्रदीप काे उसे वहां से ले जाने को कहा। प्रदीप मंगलवार सुबह साथियों के संग पहुंचा और खेत से मां व भाई के साथ लौट रही प्रियंका को ले जाने लगा। इसका मां ने विरोध किया तो उन्होंने उसे धक्का दिया, जिससे वह गिर गई। इसके बाद वह प्रियंका को कार में लेकर चला गया। इस दौरान फायरिंग जैसी कोई घटना नहीं हुई है। बाद में प्रियंका और प्रदीप ने सोनीपत कोर्ट में सुरक्षा के लिए अर्जी लगा दी।

सहेली की शादी में जाने की बात कह खुद की थी शादी

पुलिस के मुताबिक, रिश्तेदारी में होने के कारण प्रदीप का प्रियंका के घर पर आना जाना था। इसी बीच दोनों के बीच प्रेम प्रसंग हुआ। दोनों का प्यार आगे बढ़ा तो उन्होंने शादी करने का मन बनाया। प्रियंका परिवार वालों को सहेली की शादी में जाने की बात कहकर घर से गई। वह प्रदीप के साथ 30 जनवरी को दिल्ली स्थित आर्य समाज मंदिर पहुंची और शादी कर ली।

बदनामी से बचने के लिए झूठी सूचना

बापौली थाना प्रभारी सुभाष ने बताया कि प्रियंका द्वारा प्रदीप के साथ शादी करने का पता उसके भाई व मां को कुछ दिन बाद ही लग गया था। गांव में उनकी बदनामी न हो और जमीन विवाद मामले में दूसरे पक्ष पर दबाव बनाया जा सके, इसलिए मां व बेटे ने प्रियंका के अपहरण की शिकायत दी।