Home > ज़रा-हटके > सबसे विशालकाय मच्‍छर जो रक्‍त नहीं फूलों का रस पीता है

सबसे विशालकाय मच्‍छर जो रक्‍त नहीं फूलों का रस पीता है

साढ़े 4 इंच लंबे पंखों वाला मच्‍छर 

सोचिये अगर आपके घर में साढ़े चार इंच बड़ा मच्‍छर आ धमके तो आप क्‍या करेंगे। अरे ये कोरी कल्‍पना नहीं है बल्‍कि एक जानकारी के मुताबिक चीन के सिचुआन प्रांत में सामान्‍य से काफी बड़े आकार का एक मच्छर पाया गया है। होलोरूसिआ मिकाडो प्रजाति के इस मच्छर के पंख इतने बड़े हैं कि वो 11.15 सेंटीमीटर यानि करीब साढ़े 4 इंच तक फैल जाते हैं। आमतौर पर इस प्रजाति के मच्छरों के पंख आठ सेमी तक ही फैलते हैं, लेकिन इस मच्‍छर ने शायद अपने आकार से वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाने का इरादा कर लिया है। पिछले साल अगस्त में यह मच्छर सिचुआन प्रांत की राजधानी चेंगदू में पाया गया था। सबसे विशालकाय मच्‍छर जो रक्‍त नहीं फूलों का रस पीता है

खून नहीं, पीता है फूलों का रस

पश्चिमी चीन के इन्सेक्ट म्यूजियम के क्यूरेटर झाओ ने बताया कि अपने आकार के कारण यह मच्छर दिखने में तो काफी खतरनाक औ डरावना लगता है। इसके बावजूद इस मच्‍छर का भयानक आकार देखकर अगर आप यह सोच रहे हैं कि यह एक बार में इंसानों का कितना खून पी जाता होगा, तो आपको बता दें कि यह मच्‍छर शाकाहारी है। यानि कि यह अपना पेट खून पीकर नहीं बल्कि फूलों के पराग को पीकर भरता है। यही नहीं इस मच्छर की उम्र भी ज्‍यादा नहीं होती।

य‍ह सिर्फ कुछ ही दिन जीता है। इसका शरीर इतना बड़ा है कि यह ठीक से उड़ भी नहीं पाता। झाओ बताते हैं कि खून की बजाय पराग से अपना पेट भरने वाला यह दुनिया का इकलौता मच्छर नहीं है, क्‍योंकि इस धरती पर ऐसे मच्छरों की एक हजार से ज्यादा प्रजातियां मौजूद है। हालांकि उनमें से करीब 100 प्रजातियों के मच्छर इंसानों और जानवरों का खून पीकर उनके लिए जंजाल बने हुए हैं। उन्‍हीं खतरनाक मच्‍छरों से बचने के लिए चीन के सरकार अनुंसधान विभाग ने हाल ही में एक ऐसा रडार बनाया है, जो किसी भी इलाके में 2 किलोमीटर दूर से ही मच्‍छरों की सेना को खोजकर मार देगा। यह कमाल का मच्‍छरमारक रेडार बहुत ही अलग तरीके से काम करता है। 

Loading...

Check Also

मैन VS वाइल्ड शो के BEAR GRYLLS के ये 7 अनसुने तथ्य, भारतीय सेना के लिए भी..

Bear Grylls एक जाने-माने व्यक्ति हैं तथा कई बच्चों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com