सिख जत्‍थे से लापता युवक अमरजीत के पाक एजेंसियों कब्‍जे में हाेने का शक

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निरंजनपुरा। सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन करने गए अमृतसर के गांव निरंजनपुरा निवासी 24 वर्षीय अमरजीत सिंह का कुछ पता नहीं चल पाया है। अमरजीत के पिता ने शक जताया है कि अमरजीत को पाकिस्‍तान की सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ले रखा है। दूसरी आेर, उसके लापता होने के बारे में पुलिस व खुफिया एजेंसियां विभिन्न एंगल से जांच कर रही हैं। उसके घर पहुंच कर माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों से भी जानकारी जुटाई गई है। पुलिस इस पहलू पर भी पूछताछ कर रही है कि कहीं अमरजीत का संबंध पाकिस्तान के किसी आतंकी संगठन से तो नहीं।सिख जत्‍थे से लापता युवक अमरजीत के पाक एजेंसियों कब्‍जे में हाेने का शक

अमरजीत की मां बोली, बेटा वापस न आया तो परिवार सहित कर लेंगे आत्मदाह

अमरजीत वैशाखी पर सिख जत्‍थे के साथ पाकिस्‍तान गया था। 21 अप्रैल को सिख जत्‍था तो वापस आ गया, लेकिन अमरजीत वापस नहीं आया। इस‍के बाद से उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है। उसके परिवार का तो बुरा हाल है। पाकिस्‍तान के अधिकारियों का कहना है कि उसकी तलाश की जा रही है। भारतीय सुरक्षा और जांच एजेंसियां भी इस मामले में सतर्क हो गई हैं।

12 अप्रैल को गया था पाकिस्तान, पुलिस व खुफिया एजेंसियां खंगाल रहीं आतंकी कनेक्शन

इस बीच अमरजीत की मां ज्ञान कौर ने कहा कि अमरजीत यहां से भला-चंगा गया था। एसजीपीसी के नुमाइंदों की लापरवाही से वह वापस नहीं आ सका। अगर मेरे बच्चे को कुछ हुआ तो इसके लिए एसजीपीसी ही जिम्मेदार होगी। बेटा वापस न आया तो पूरा परिवार आत्मदाह कर लेगा। अमरजीत के दिव्यांग पिता राजिंदर सिंह ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि बेटे को पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में लिया है। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। राजिंदर सिंह ने कहा, हम उसे लगातार फोन कर रहे हैं, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है।

अमरजीत 12 अप्रैल को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से भेजे गए जत्थे में शामिल था। 21 अप्रैल को यह जत्था स्पेशल ट्रेन से अटारी सीमा पर पहुंचा, लेकिन अमरजीत नहीं था। अमरजीत ङ्क्षसह डेढ़ साल पहले ङ्क्षसगापुर गया था। वहां नौकरी में मन नहीं लगा। इसलिए चार महीने बाद ही ङ्क्षसगापुर से लौट आया और खेतीबाड़ी करने लगा।

2015 में परिवार सहित गायब सुनील का भी पता नहीं

फरीदकोट : तीन साल पहले 11 अप्रैल 2015 को पाकिस्तान में वैशाखी मनाने गए सिख जत्थे से गायब होने वाले फरीदकोट के गांव साधांवाला के सुनील सिंह व उसके परिवार के बारे में आज तक पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है। सुनील ने जाली दस्तावेज के आधार पर गांव सांधावाला में धर्मशाला के पते पर पहले राशन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड और मनरेगा कार्ड बनवाए थे। उसने इन्हीं कागजात के आधार पर अपने पूरे परिवार के पासपोर्ट बनवाए और सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान गया।

पाक से न लौटने पर फरीदकोट पुलिस ने 13 मई 2015 को सुनील व उसकी पत्नी सुनीता कौर के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का केस दर्ज किया था। सुनील के परिवार समेत पाकिस्तान में गायब होने के बाद खुफिया एजेंसियां हरकत में आईं और कई चरण की पड़ताल की गई। सुनील का न तो कोई स्थायी पता मिल पाया। एजेंसियों ने आशंका जताई थी कि वह पाकिस्तान का जासूस हो सकता है।

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