मिनिस्टर ने एमएलए का फुल फॉर्म बताया बताया कुछ ऐसा…
भोपाल. शनिवार को मंत्री-अफसरों ने मिल बांचें कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर के स्कूलों में एक घंटे बच्चों को पढ़ाया। उद्यानिकी राज्यमंत्री सूर्यप्रकाश मीणा विदिशा के करैयाहाट गांव के स्कूल पहुंचे। बच्चों की क्लास लेने के बाद मीडियाकर्मियों ने मंत्री से एमएलए का फुल फॉर्म पूछ लिया।
मंत्री ने जवाब दिया ‘मेंबर आॅफ लेजिस्टिक आॅफ एडमिनिस्ट्रेशन’। जबकि सही फुल फॉर्म ‘मेंबर आॅफ लेजिस्लेटिव असेंबली’ होता है। मीणा से सिर्फ गलती नहीं हुई। उन्होंने स्कूल में बच्चों के बीच सीएम शिवराजसिंह चौहान को साढ़े छह करोड़ बच्चों का भांजा कह दिया। गलती का अहसास हुआ तो शिवराज को मामा और बच्चों को भांजा बताया।

तीन कहानियां, तीन सबक- लालच से बचें, सच बोलें और खुद को बेहतर बनाएं
मिल बांचें कार्यक्रम के दौरान शनिवार को स्कूलों में कई अफसर पहुंच नहीं पाए, कुछ देरी से पहुंचे। जो पहुंचे उन्होंने कोई न कोई किस्सा सुनाकर बच्चों को लक्ष्य तक पहुंचने और सफलता पाने के गुर बताए। वहीं सीएम ने मैनिट स्थित मिडिल स्कूल में बच्चों को कहानियां सुनाकर लालच से बचने, सच बोलने अौर खुद को बेहतर बनाने का पाठ पढ़ाया।
पहली.. बहेलिया की
जंगल में एक साधु रहता था, वह शिष्यों को लालच में न आने के बारे में बताता था। साधु ने कहानी सुनाई। एक बहेलिया था वह राेज जंगल जाता और दाना डालकर जाल फैला देता था। जाल में पक्षी फंस जाते थे और उनका वह शिकार कर लेता था। जबकि रट्टू तोते की तरह ये पक्षी रटते थे कि शिकारी आता है दाना डालता है, जाल फैलाता है। दाने के लालच में फंसकर जाल में नहीं फंसना चाहिए।
सीख- रट्टू तोते की तरह न बनें, समझें और आगे बढ़ें। और लालच कभी न करें।
सीख- रट्टू तोते की तरह न बनें, समझें और आगे बढ़ें। और लालच कभी न करें।
दूसरी…युधिष्ठिर की
द्रोणाचार्य जब युद्ध में पांडवों पर भारी पड़ रहे थे। सबके मन में एक ही सवाल था कि उनकी मौत कैसे हो। भगवान कृष्ण ने कहा कि यदि अश्वत्थामा की मौत का समाचार द्रोणाचार्य को दिया जाए तो निश्चित रूप से द्रोण हताश हो जाएंगे और उनकी मृत्यु हो सकेगी। लेकिन इस बात का विश्वास द्रोण को कौन दिलाएगा तो उनके शिष्य युधिष्ठिर का नाम आया। युधिष्ठिर से जब पूछा गया कि क्या अश्वत्थामा मारा गया तो उन्होंने कहा कि हां मारा गया, लेकिन यह बात उन्होंने अश्वत्थामा हाथी के लिए कही थी।
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तीसरी…गांधीजी की
महात्मा गांधी के पास एक महिला गई और बोली बापू मेरा बेटा गुड़ खाता है। बापू ने कहा कि कल आना। इस तरह महिला लगातार बापू के पास जाती रही और जवाब मिलता कि कल आना। एक दिन बापू ने बेटे को गुड़ न खाने की बात कही। महिला ने कहा-बापू आपने पहले दिन क्यों यह बात नहीं कही। उन्होंने कहा कि पहले जब मुझसे तुमने उपाय पूछा था तब में स्वयं भी गुड़ खाता था। अब मैने गुड़ खाना छोड़ दिया है।
सीख: पहले खुद को सुधारें
नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज 228 क्वार्टर्स स्थित गणेश बाल मंदिर पहुंचीं। यहां बच्चों को सफलता के गुर बताए। इसके अलावा महापौर आलोक शर्मा ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अहमदाबाद पैलेस में स्वच्छता की पाठशाला लगाई। निगम द्वारा प्रकाशित कॉमिक्स ‘चाचा चौधरी और स्वच्छ भोपाल’ भी वितरित की।
अफसर नहीं पहुंचे, मंत्री ने ली क्लास
-प्रोफेसर काॅलोनी स्थित शासकीय उमावि विद्या विहार। अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया को आना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। शिक्षा मंत्री विजय शाह के आने के बाद ढाई घंटे देरी से एक बजे शुरू हुआ।
-संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव को नेहरू नगर स्थित माध्यमिक शाला जाना था। हेड मास्टर अजय विजयवर्गीय ने पता किया तो उन्हें बताया गया कि श्रीवास्तव किसी अन्य स्कूल में जा रहे हैं। शुक्रवार रात को सूची में फेरबदल से यह गफलत हुई।
इधर, प्रभारी सस्पेंड
माता मंदिर के नजदीक स्थित शासकीय अंबेडकर मिडिल स्कूल में मिल बांचे कार्यक्रम के तहत अव्यवस्थाएं मिलने पर प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार महिला विकास विभाग के प्रमुख सचिव जेएन कंसोटिया इस स्कूल में बच्चों को पढ़ाने पहुंचे थे। जब वे स्कूल के गेट पर पहुंचे तो वहां ताला बंद मिला।
बच्चों को डरा धमकाकर नहीं पढ़ाया जा सकता
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बच्चों को डरा धमकाकर नहीं पढ़ाया जा सकता है। बच्चों के साथ बैठकर उन्हें प्यार से सिखाएं और समझाएं। बच्चें अपने माता-पिता से खुलकर बात करें। यह बच्चों के समग्र विकास के लिए बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और अभिभावकों को यह सलाह समन्वय भवन में आयोजित राज्य स्तरीय मिल बांचंे कार्यक्रम में दी। उन्होंने बताया कि बस्तों का बोझ कम करने के लिए शिक्षा के तरीके में बदलाव किया जा रहा है। प्रदेश के प्रत्येक स्कूल में खेल मैदान हो, इसकी कोशिश की जाएगी। कार्यक्रम में पुस्तक ‘गुल्लक’ का विमोचन किया।





