मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मांस कारोबारी कुरैशी गिरफ्तार
नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विवादित मांस कारोबारी मोइन कुरैशी को धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी ने कुरैशी पर उसके व अन्य के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में यह कार्रवाई की है। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि कुरैशी को पूछताछ के लिए बुलाये जाने के बाद शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि मांस निर्यातक को धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारी ने आरोप लगाया कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा था । धन शोधन निवारण कानून के तहत दो प्राथमिकियां दर्ज करने के बाद से एजेंसी कुरैशी के खिलाफ जांच कर रही है। उससे पहले भी कई बार पूछताछ की जा चुकी है। इस साल उनके खिलाफ दायर नई प्राथमिकी में सीबीआई के पूर्व निदेशक एपी सिंह का नाम भी शामिल है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने आयकर अभियोजक की शिकायत के आधार पर साल 2015 में कुरैशी के खिलाफ पीएमएलए के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
2014 का मामला
मांस निर्यातक कुरैशी कर चोरी, धन शोधन और भ्रष्टाचार के अन्य मामलों में भी आयकर विभाग और सीबीआई की जांच का सामना कर रहा है। आयकर विभाग काला धन (अज्ञात विदेशी आय और संपत्ति) एवं कर अधिरोपण कानून, 2015 के तहत कुरैशी की जांच कर रहा है। जांच में पाया गया था कि मांस निर्यातक और उसके परिजन के पास विदेशों में गैरकानूनी संपत्ति है और उन्होंने भारतीय कर अधिकारियों को इसके बारे में सूचित नहीं किया था। आयकर विभाग ने फरवरी 2014 में कुरैशी और उसकी कंपनी के खिलाफ छापेमारी की थी, जिसके बाद यह मामला सामने आया था।





