बेटी से सम्भोग और निकाह कर सकते है, इस्लाम में यह जायज : इमाम अल-शफी – देखें विडियो

मिस्र के जाने-माने मौलवी ने कहा है कि इस्लाम पुरुषों को अपनी बेटियों से शादी करने की इजाजत देता है, इसलिए वे ऐसा कर सकते हैं। इमाम अल-शफी नाम के मौलवी ने कहा है कि बेटियों पर उसके पिता का हक़ सबसे पहले रहता है. इसलिए वो अपनी बेटियों का जैसे चाहे इस्तेमाल कर सकते है। मौलवी ने यह बयान एक विडियो के जरिए दिया जो अब काफी वायरल हो रहा है.

‘द सन’ के मुताबिक मिस्र के प्रसिद्ध अल-अजहर यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले अल-सेरसावी ने यह विडियो शेयर किया है. और दावा किया है कि अल-शफी मानते हैं कि बेटी पर पिता का ही सबसे पहला हक़ होता है, ऐसे में अपने हक़ की चीज पर कोई व्यक्ति अधिकार जता सकता है और जैसे मन उसका इस्तेमाल कर सकता है.

sex with daughter

इंटरनेट पर लोग मौलवी के इस बयान की आलोचना कर रहे हैं। इसी साल, मिस्र के एक अन्य मौलवी ने एक टेलिविजन डिबेट में कहा था कि शरिया में लड़कियों की शादी की कोई तय उम्र नहीं है इसलिए उनके पैदा होते ही शादी की जा सकती है।

बताते चले इन सीरिया में भी पिछले दिनों एक मौलवी ने फतवा दिया था और कहा था की अगर औरतों की कमी हो जाये तो बेटी, बहन तक से निकाह और सम्भोग जायज है, साथ ही एक मौलवी ने तो महिलाओं को फतवा दिया था की अपने पति को बिना बताये इस्लाम के लिए लड़ रहे ISIS आतंकियों की थकान मिटाने के लिए सेक्स जिहाद करे.

मिस्र के जाने-माने मौलवी ने कहा है कि इस्लाम पुरुषों को अपनी बेटियों से शादी करने की इजाजत देता है. इसलिए वे ऐसा कर सकते हैं। इमाम अल-शफी नाम के मौलवी ने कहा है कि बेटियों पर उसके पिता का हक़ सबसे पहले रहता है. इसलिए वो अपनी बेटियों का जैसे चाहे इस्तेमाल कर सकते है। मौलवी ने यह बयान एक विडियो के जरिए दिया जो अब काफी वायरल हो रहा है.

‘द सन’ के मुताबिक मिस्र के प्रसिद्ध अल-अजहर यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले अल-सेरसावी ने यह विडियो शेयर किया है और दावा किया है कि अल-शफी मानते हैं कि बेटी पर पिता का ही सबसे पहला हक़ होता है, ऐसे में अपने हक़ की चीज पर कोई व्यक्ति अधिकार जता सकता है और जैसे मन उसका इस्तेमाल कर सकता है.

इंटरनेट पर लोग मौलवी के इस बयान की आलोचना कर रहे हैं। इसी साल, मिस्र के एक अन्य मौलवी ने एक टेलिविजन डिबेट में कहा था कि शरिया में लड़कियों की शादी की कोई तय उम्र नहीं है इसलिए उनके पैदा होते ही शादी की जा सकती है।

बताते चले इन सीरिया में भी पिछले दिनों एक मौलवी ने फतवा दिया था और कहा था की अगर औरतों की कमी हो जाये तो बेटी, बहन तक से निकाह और सम्भोग जायज है, साथ ही एक मौलवी ने तो महिलाओं को फतवा दिया था की अपने पति को बिना बताये इस्लाम के लिए लड़ रहे ISIS आतंकियों की थकान मिटाने के लिए सेक्स जिहाद करे

मिस्र के जाने-माने मौलवी ने कहा है कि इस्लाम पुरुषों को अपनी बेटियों से शादी करने की इजाजत देता है इसलिए वे ऐसा कर सकते हैं। इमाम अल-शफी नाम के मौलवी ने कहा है कि बेटियों पर उसके पिता का हक़ सबसे पहले रहता है इसलिए वो अपनी बेटियों का जैसे चाहे इस्तेमाल कर सकते है। मौलवी ने यह बयान एक विडियो के जरिए दिया जो अब काफी वायरल हो रहा है

‘द सन’ के मुताबिक मिस्र के प्रसिद्ध अल-अजहर यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले अल-सेरसावी ने यह विडियो शेयर किया है और दावा किया है कि अल-शफी मानते हैं कि बेटी पर पिता का ही सबसे पहला हक़ होता है, ऐसे में अपने हक़ की चीज पर कोई व्यक्ति अधिकार जता सकता है और जैसे मन उसका इस्तेमाल कर सकता है.

इंटरनेट पर लोग मौलवी के इस बयान की आलोचना कर रहे हैं। इसी साल, मिस्र के एक अन्य मौलवी ने एक टेलिविजन डिबेट में कहा था कि शरिया में लड़कियों की शादी की कोई तय उम्र नहीं है इसलिए उनके पैदा होते ही शादी की जा सकती है।

बताते चले इन सीरिया में भी पिछले दिनों एक मौलवी ने फतवा दिया था और कहा था की अगर औरतों की कमी हो जाये तो बेटी, बहन तक से निकाह और सम्भोग जायज है, साथ ही एक मौलवी ने तो महिलाओं को फतवा दिया था की अपने पति को बिना बताये इस्लाम के लिए लड़ रहे ISIS आतंकियों की थकान मिटाने के लिए सेक्स जिहाद करे.

देखें विडियो –

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