चिह्नित राज्य आंदोलनकारी करेंगे विधायकों का घेराव

देहरादून: चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई की तैयारी कर ली है। इसी रणनीति के तहत 23 अप्रैल को विधायकों को घेराव किया जाएगा। इसके अलावा मंदिरों में राज्य के विकास को अवरुद्ध करने वालों को सद्बुद्धि देने के लिए प्रार्थना की जाएगी। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी करेंगे विधायकों का घेराव

शहीद स्मारक में आयोजित चिह्नित आंदोलनकारी समिति की बैठक में समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने कहा कि राज्य विकास विरोधियों के खिलाफ ठोस रणनीति बनाकर अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत 30 अप्रैल को कुमाऊं कमिश्नरी का नैनीताल में घेराव किया जाएगा। 

मई माह में गैरसैंण राजधानी बनाने की मांग को लेकर रुद्रप्रयाग जिले से सत्याग्रह चलाया जाएगा। मई के दूसरे सप्ताह में उत्तरकाशी, 28 मई को पौड़ी में सत्याग्रह किया जाएगा। बैठक में सावित्री नेगी, मधु नौटियाल, रश्मि चमोली, पुष्कर जोशी, नवीन नैथानी, डॉ अमर सिंह, विशंभर खकरियाल, बलवंत रावत, जीत सिंह आदि मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री आवास जाते पुलिस ने रोका 

शहीद स्थल में बैठक के बाद 11 सूत्रीय मांगों के निराकरण को लेकर राज्य आंदोलनकारी मुख्यमंत्री आवास जाने के लिए रवाना हुए। इस बीच पुलिस को सूचना मिली तो आंदोलनकारियों के जत्थे को पुलिस ने राजभवन के पास रोक लिया। यहां पुलिस के साथ आंदोलनकारियों की नोकझोंक भी हुई।

आंदोलनकारी सड़क पर सांकेतिक जाम लगाते हुए धरने पर बैठ गए। पुलिस उन्हें बमुश्किल शांत कराया। उसके बाद राज्य आंदोलनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के मार्फत मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। 

समिति की प्रमुख मांगे 

वंचितों को चिह्नीकरण, एक समान पेंशन, 10 प्रतिशत आरक्षण लागू कराना, स्थायी राजधानी गैरसैंण, पलायन पर रोक लगाने को धरातल पर ठोस कार्ययोजना बनाना, बंद पड़ी जल विद्युत परियोजनाएं शुरू कराना, रामपुर तिराहा कांड के दोषियों को सजा दिलाना।

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