निकाय चुनाव में हार के बाद मनीष सिसोदिया ने की पंजाब के आप नेताओं की खिंचाई

- in पंजाब, राज्य

चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने प्रदेश में बीते दिनों हुए निकाय चुनाव में पार्टी की करारी हार पर दिल्ली में पंजाब के नेताओं की खिंचाई की। प्रदेश के नेताओं के साथ पहली बैठक में उन्होंने जोनल इंचार्जों से उनके जोन के बारे में पूरी जानकारी ली। इस मौके पर पंजाब के मामलों व लगातार गिर रहे पार्टी के ग्राफ के साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी मंथन किया गया। दूसरी बैठक भी इसी महीने बुलाने की रणनीति पर विचार किया गया।

प्रदेश के नेताओं ने विधानसभा चुनाव के बाद पंजाब में पार्टी के लिए बदले हालात और लगातार गिर रहे ग्राफ को लेकर सिसोदिया को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि जिस पंजाब में विधानसभा चुनाव में आप सरकार बनाने के करीब पहुंच गई थी और चुनाव से पहले गलत नीतियों के चलते पार्टी को विपक्ष में बैठना पड़ा।

उसके कुछ ही समय बाद हुए गुरदासपुर लोकसभा उप चुनाव और उसके बाद जालंधर, अमृतसर, पटियाला व लुधियाना नगर निगम चुनावों में पार्टी की बुरी तरह से हार हुई है। चारों के निगमों के 320 वार्डों के चुनाव में आप ने सिर्फ एक सीट जीती है। पंजाब के नेताओं ने कुछ वीडियो पेश करते हुए सफाई दी कि कांग्रेस ने निकाय चुनाव धक्केशाही से जीता है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार आप नेताओं को हाईकमान ने लगातार खत्म हो रहे पार्टी के जनाधार को लेकर काफी लताड़ लगाई है। यही वजह है कि दिल्ली गए नेता बैठक के बारे में बोलने से कतरा रहे हैं। सिसोदिया ने बैठक में जोनल इंचार्जों को ज्यादा तवज्जो दी। उन्होंने कहा कि दो सप्ताह के अंदर दूसरी बैठक करके लोकसभा चुनाव की रणनीति तैयार करनी है।

बैठक में पंजाब प्रधान सांसद भगवंत मान, उप प्रधान अमन अरोड़ा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुखपाल सिंह खैहरा व आप विधायकों के अलावा जोनल इंचार्जों को भी बुलाया गया था। बैठक के बारे में अमन अरोड़ा ने बताया कि कई मुद्दों पर चर्चा की गई है, लेकिन बैठक का एजेंडा व मुद्दे फिलहाल अभी सार्वजनिक नहीं किए जा सकते हैं।

 

बैठक में सिसोदिया ने आगामी लोकसभा चुनाव के संभावित मुद्दों को तैयार करने की बात कही है। सूत्र बताते हैं कि अगली बैठक में सभी नेताओं से पंजाब के मुद्दों के साथ-साथ पंजाब से जुड़े ऐसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी जो लोकसभा चुनाव में उठाए जा सकते हैं। चूंकि पंजाब में कांग्रेस सरकार है और पिछली अकाली-भाजपा सरकार के सत्ता से बाहर हुए एक साल होने वाले हैं। इसलिए ज्यादातर मुद्दे अब कांग्रेस के गले की हड्डी बनने वाले हैं। सिसोदिया की कोशिश है कि ऐसे मुद्दे निकाले जाएं जो लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बड़े मुद्दे बन सकते हों।

सिसोदिया ने पंजाब के नेताओं को कहा कि वह विपक्ष की भूमिका को और ज्यादा सशक्त करें। खैहरा की तरफ से जरूर सरकार पर प्रहार किए जाते रहे हैं, लेकिन पार्टी एकजुट होकर सरकार को कठघरे में नहीं खड़ा कर पा रही है। सिसोदिया ने आप नेताओं को सीख दी कि किस प्रकार से विपक्ष की राजनीति की जाए। प्रदेश के नेताओं ने पंजाब के समीकरणों के बारे में भी सिसोदिया को बताया कि किस प्रकार से पंजाब में विपक्ष की राजनीति चलती है।

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