अब बाइक से लंचबॉक्स पहुंचाएंगे मुंबई के डब्बावाले

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मुंबई में रहने वाले लोगों को पिछले सवा सौ सालों से अधिक समय से खाना खिला रहे मशहुर ‘डब्बावाला’ समय के साथ लगातार बदलते रहते हैं. ये डब्बावाला वक्त के पाबंद माने जाते हैं. बारिश हो या चिलचिलाती धूप, डब्बावाला का लंचबॉक्स टाइम पर पहुंचेगा. समय को लेकर उनकी इसी प्रतिबद्धता के कारण वर्ष 1998 में फोर्ब्स मैग्जीन ने गुणवत्तापूर्ण काम-काज में उन्हें ‘6 सिग्मा’ का खिताब दिया था. हैरान करने वाली बात यह है कि डब्बावाला इतने बड़े मुंबई में एक स्थान से दूसरे स्थान की दूरी साइकिल से तय कर लेते हैं. लेकिन अब जबकि दुनिया तेज, और ज्यादा तेज रफ्तार से भागने लगी है, डब्बावाला भी बदल रहे हैं. हमारे सहयोगी चैनल WION के अनुसार मुंबई के ये डब्बावाले अब साइकिल की जगह, मोटरसाइकिल अपनाने वाले हैं. वे अपनी पारंपरिक सवारी साइकिल को छोड़ रहे हैं.

खाना पहुंचाने की बेहतरीन प्रणाली

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मुंबई के दफ्तरों में खाना पहुंचाने में डब्बावाले सबसे ज्यादा विश्वसनीय समझे जाते हैं. इसकी सबसे प्रमुख वजह है अपने ग्राहक को घर जैसा स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण खाना डिलीवरी करना. डब्बावाले वर्ष 1890 से मुंबई के कामकाजी लोगों को उनके काम करने की जगह पर खाना पहुंचा रहे हैं. डब्बावाला की वेबसाइट के अनुसार मुंबई में विरार से चर्चगेट और अंबरनाथ से दादर तक, यानी समूचे शहर में इनका खाना पहुंचता है. वे दफ्तरों में काम करने वालों के घर से उनका खाना लेकर साइकिल से नजदीकी रेलवे स्टेशन तक पहुंचते हैं. फिर ट्रेन से यह खाना संबंधित व्यक्ति के दफ्तर वाले स्थान के नजदीकी रेलवे स्टेशन तक पहुंचता है. जहां से यह खाना उस व्यक्ति के ऑफिस तक पहुंचा दिया जाता है.

 
 
 

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