LIVE : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, कानून सबसे ऊपर

इलाहाबाद । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून को सबसे ऊपर माना है। मुख्यमंत्री आज इलाहाबाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट के स्थापना के 150 वर्ष के वार्षिक समारोह के समापन दिवस को संबोधित कर रहे थे। समारोह के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।LIVE : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, कानून सबसे ऊपर

समारोह के विशिष्ट अतिथि सीएम योगी ने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। कानून का स्थान शासक से भी ऊपर है। कोई भी समाज कानून से ही चलता है। मुख्यमंत्री बोले न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को जल्द खत्म करने की पहल न्यायपालिका ने ही की है। वैसे भी कानून से बढ़कर कोई नहीं है। कानून से ही शिकायतों का हल निकलता है। न्यायिक प्रणाली पर चिंतन अमूल्य है। यहां तक कि कानून का स्थान शासक से बढ़कर है। न्याय व विधि एक दूसरे के पूरक हैं और इंसाफ देना सबसे बड़ा धर्म है।

वादियो को निष्पक्ष न्याय दिलाना कर्तव्य है। कानून से ऊपर कोई भी राजा काम नही कर सकता, कानून से ही शिकायतों का निस्तारण हो पाता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब-जब लोकतंत्र पर संकट आया, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूरी निष्ठा के साथ उसे बचाया। न्यायालय ने कुछ ऐसे फैसले दिए, जिसने भारतीय समाज को नई दिशा दी। वैसे समाज कानून से चलाता है और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट का इतिहास गौरवशाली रहा है। मुख्यमंत्री बोले, मेरे लिए बहुत हर्ष का विषय है कि मुझे हाईकोर्ट के 150 साल पूरे होने के समापन कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिला। 

प्रधानमंत्री मोदी से दिल की बात करते हैं जस्टिस खेहर 

भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस खेहर बोले प्रधानमंत्री मोदी जी मन की बात करते हैं कि मैं उनसे दिल की बात करते हैं। कुम्भ मेला, स्वतंत्रता संग्राम इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ा हुआ है यह बहुत हर्ष का विषय है कि कुम्भ मेले का आयोजन इलाहाबाद में होता है

इलाहाबाद हाईकोर्ट का इतिहास गौरवमयी रहा : रविशंकर प्रसाद 

केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद का संबोधन शुरू। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का इतिहास गौरवमयी रहा है। यहां से जो अलख जगी उसने बार और बेंच का नाम रोशन किया। इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले मील के पत्थर हैं। त्वरित न्याय की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। गरीबी मिटाने के लिए तकनीक का जमकर प्रयोग करेंगे। न्याय पालिका की निष्पक्षता के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्घ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संगमनगरी में इलाहाबाद हाई कोर्ट की 150वीं जयंती वर्ष के समापन समारोह में आगमन पर राज्यपाल राम नाईक तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बमरौली एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के डेढ़ सौंवे साल के समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व चीफ जस्टिस आफ इंडिया जेएस खेहर मंच पर पहुंचे। 

इससे पहले उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जजों से मुलाकात की थी। वंदेमातरम के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ। प्रधानमंत्री मोदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया कार्यक्रम का आैपचारिक शुभारंभ। इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर का बुकें भेंटकर स्वागत किया। न्यायालयों में जजों की कमी दूर करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम स्थल पर शार्ट सर्किट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले ही कार्यक्रम स्थल पर शार्ट सर्किट हो गया। इलाहाबाद हाई कोर्ट प्रांगण में बने पंडाल में शार्ट सर्किट के तत्काल बाद ही वहां का मुआयना किया गया। प्रांगण में बने पंडाल के पास तैनात सुरक्षा बल के जवानों से साथ आयोजन समिति से जुड़े लोगों ने तत्काल फायर इस्टिंग्यूशर का प्रयोग कर आग को बुझा दिया। इसके बाद बिजली की व्यवस्था से जुड़े लोगों को तलब किया। इन लोगों ने वहां पर तार को बदलकर बिजली व्यवस्था को सुचारू रूप से चालू कराया। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आज इलाहाबाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट के 150वें वर्ष के समापन समारोह में शिरकत करना है। इनके साथ डिप्टी सीएम केशव मौर्या, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जीएस खेहर और यूपी के गवर्नर राम नाइक भी प्रोग्राम में शामिल होंगे। केन्द्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद भी कार्यक्रम में मौजूद हैं। कोलकाता और मुंबई हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश साथ ही देश की सर्वोच्च अदालत के कई न्यायाधीश भी कार्यक्रम में मौजूद हैं। 

सीएम योगी आदित्यनाथ करीब 12.30 बजे प्रधानमंत्री को इलाहाबाद से दिल्ली रवाना करने वापस बमरौली एयरपोर्ट आएंगे और वहीं पर लंच करने के बाद वापस चले जाएंगे।

ड्रोन कैमरों से रखी जाएगी नजर

– प्रोग्राम की सिक्युरिटी के लिए एसपीजी कई दिनों से इलाहबाद में डेरा डाले है। एयरपोर्ट से लेकर समारोह स्थल तक चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।

– हाई कोर्ट के आसपास की बिल्डिंग को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इलाहबाद एसएसपी शलभ माथुर के मुताबिक, ड्रोन कैमरों से भी हाईकोर्ट के आसपास नजर रखी जा रही है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट का इतिहास

– इलाहाबाद हाई कोर्ट एशिया का सबसे बड़ा और सबसे पुराना हाई कोर्ट है। इसकी स्थापना 17 मार्च 1866 में हुई थी। सर वॉल्टर मॉर्गन इलाहाबाद हाई कोर्ट के पहले चीफ जस्टिस थे। 

– उस वक्त सिर्फ 6 जज ही थे, लेकिन अब यहां जजों के 160 पद हैं। इसके अलावा करीब 17 हजार वकील हाईकोर्ट से जुड़े हुए हैं, लेकिन उस वक्त महज दर्जन भर ही वकील थे।

– देश का पहला हाईकोर्ट है, जिसके पास अपना म्यूजियम और आर्काइव गैलरी है।

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