आइए जानते है ब्रेन स्ट्रोक के 5 लक्षण…

स्ट्रॉक एक ऐसी आपातकालीन स्थिति है जो ब्रेन में रक्त प्रवाह के रूकने या कम होने के कारण होती है, अगर समय पर इसके लक्षणों को पहचान कर उपचार नहीं किया जाए तो यह जानलेवा हो सकता है। हमारी पूरी बॉडी दिमाग के इशारों पर चलती है, अगर दिमाग को चोट पहुंच जाए तो दिमाग काम करना बंद कर देता है। ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी आमतौर पर दिमाग में पर्याप्त ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं होने की वजह से होता है। जब नसों में खून की सप्लाई नहीं हो पाती है और दिमाग को पर्याप्त ब्लड नहीं मिल पाता तो ब्रेन स्ट्रॉक होने का खतरा रहता है। रक्त संचार मे गिरावट के कारण दिमाग मे मौजूद सभी कोशिकाएं डेमेज होने लगती है, इस स्थिति में ब्रेन स्ट्रोक की समस्या हो जाती है।

इस खतरनाक बीमारी की वजह से हर साल लाखों लोगों की मौत होती है। ये बीमारी अचानक नहीं होती बल्कि बॉडी में इसके लक्षण पहले से दिखने लगते हैं। समय पर लक्षणों की पहचान हो जाए तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। आइए जानते है कि कैसे स्ट्रोक के लक्षणों को पहचान कर इस बीमारी से बच सकते हैं।

लगातार सिर दर्द हो सकता है:

अगर आपको लगातार सिर दर्द, अचानक चक्कर आना या मांसपेशियों में दर्द रहे तो इसे नज़र अंदाज नहीं करें। ये दर्द स्ट्रॉक का लक्षण हो सकता है।

आंखों पर दिख सकता है असर:

स्ट्रोक की वजह से आंखों की रोशनी कम हो सकती है या फिर आंखों से धुंधला दिख सकता है।

चेहरे पर कमज़ोरी दिखना:

स्ट्रॉक का सबसे बड़ा लक्षण बॉडी के किसी भी हिस्से में कमजोरी होना है। इस कमज़ोरी का असर सबसे पहले चेहरे पर दिखता है। चेहरे का एक हिस्सा सुन्न पड़ सकता है, कई बार मुंह तेड़ा भी हो सकता है।

लगातार हाथों का सुन्न होना भी स्ट्रोक का लक्षण:

किसी भी इनसान का हाथ लगातार सुन्न रहें, या हाथ में वीकनेस रहे तो आप नज़रअंदाज नहीं करें बल्कि फौरन डॉक्टर को दिखाएं।

स्पीच प्रोब्लम:

स्ट्रोक की बीमारी किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है। इस बीमारी की वजह से मरीज की बोली प्रभावित हो सकती है। बोलने में परेशानी होना, शब्दों का ठीक उच्चारण नहीं करना भी स्ट्रॉक का कारण हो सकता है।

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