केंद्रीय बैंक को अपने तरह से मुद्दे सुलझाने दीजिए, विरल आचार्य के समर्थन में आए RBI कर्मी

ऑल इंडिया रिजर्व बैंक कर्मचारी संघ (एआईआरबीईए) ने सोमवार को केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य के हालिया बयान पर चिंता व्यक्त की और केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता की मांग की।
एसोसिएशन ने अपने बयान में कहा कि देश के केंद्रीय बैंक को कमजोर करना आपदा को निमंत्रण देने सरीखा है और इसे सरकार को रोकना चाहिए। उसने कहा, “सरकार आरबीआई पर नियंत्रण करने के बजाए मिलकर बात करे और उस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश करे। सरकार को आरबीआई पर दबाव नहीं बनाना चाहिए। जबकि वह जो कर रहे हैं वह देश के हित में नहीं है।”
प्रभावी स्वायतता पर जोर देते हुए विरल आचार्य ने कहा कि वो सरकारें जो केंद्रीय बैंक की आजादी का सम्मान नहीं करती हैं, वे जल्द ही या बाद में वित्तीय बाजारों के गुस्से को उजागर करती हैं। 27 अक्टूबर को एडी श्रॉफ मेमोरियल में अपने लेक्चर के दौरान विरल आचार्य ने कहा था, “मायने यह बात रखती है कि प्रभावी स्वायतता को ये शक्तियां (आरबीआई या किसी केंद्रीय बैंक को नियंत्रित करने वाले अधिनियमों में निहित) अपने अभ्यास में शामिल कर सकती हैं।





