जानें मोदी सरकार के बजट में क्या हुआ सस्ता और क्या हुआ मंहगा…

मोदी सरकार आज यानी 1 फरवरी को आम बजट पेश कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगतार तीसरा बजट पेश कर रही हैं। इस दौरान सरकार ने 75 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को बड़ी राहत दी। टैक्स सुधार की दिशा में राहत देते हुए न सिर्फ टैक्स असेसमेंट की समय सीमा घटा दी, बल्कि सरकार ने ऐलान किया कि अब 75 साल से अधिक उम्र के लोगों को इनकम टैक्स भरने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए सरकार के 27.1 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज से संरचनात्मक सुधारों को बढ़ावा मिला है। सीतारमण ने आम बजट में 64,180 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ आत्मनिर्भर स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त होगा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में कोविड-19 के दो टीके हैं तथा दो अन्य टीकों की पेशकश जल्द की जाएगी। उन्होंने कहा कि सबसे गरीब तबके के लाभ के लिए सरकार ने अपने संसाधनों को बढ़ाया है। बता दें कि संसद में बजट पेश होने से पहले केंद्रीय कैबिनेट की एक बैठक हुई, जिसमें उसे मंजूरी मिली। इसके बाद टैबलेट के जरिए वित्त मंत्री बजट पेश कर रही हैं। 

-इनकम टैक्स भरने वालों को इस बजट से कोई राहत नहीं मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स स्लैब में इस बार कोई भी बदलाव नहीं किया।  इस तरह से मध्यम वर्गीय लोगों को पहले की तरह ही टैक्स नियमों का पालन करना होगा। सिर्फ 75 साल से अधिक उम्र के लोगों को राहत मिली है। 

-किस-पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा और किस पर घटा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोबाइल उपकरण पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल उपकरण पर अब कस्टम ड्यूटी 2.5 फीसदी तक लगेगा। वहीं, कॉपर और स्टील में कस्टम ड्यूटी को घटाया गया है। इतना ही नहीं, सोना-चांदी से भी कस्टम ड्यूटी को घटाया गया है। 

इनकम टैक्स के सेक्शन 80EEA के तहत अब छूट को 31 मार्च, 2022 तक लिए गए कर्ज (लोन) पर लागू किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि हमने जीएसटी को भी आसान करने के उपाय किए हैं।

-वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा ऐलान किया है। इस ऐलान के मुताबिक, 75 साल से अधिक की आयु वाले बुजुर्गों को अब इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरना होगा। ऐसे लोगों को यह राहत मिलेगी, जिनकी कमाई का स्रोत सिर्फ पेंशन होगा। अब 75 साल से अधिक उम्र वालों कों ITR नहीं भरना होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि जब दुनिया इतने बड़े संकट से गुजर रही है, तब सभी की नजरें भारत पर हैं. ऐसे में हमें अपने टैक्सपेयर्स को सभी सुविधाएं देनी चाहिए।

-वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स असेसमेंट की अवधि को घटा कर छह साल से तीन साल किया जाता है। इसका मतलब है कि अब तीन साल से पुराने केस नहीं खोले जाएंगे। टैक्स सुधार की दिशा में यह बड़ा कदम है।

-वित्तीय घाटा 6.8 पर्सेंट रखने का प्रयास रहेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि 2020-21 में इसके 9.5 पर्सेंट रहने का अनुमान है।

-वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों के अटके कर्जों से निपटने के लिए परिसंपत्ति पुनर्गठन एवं प्रबंधन कंपनी की स्थापना की जाएगी। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी देने का प्रस्ताव किया।

-न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड इस बार PSLV-CS51 को लॉन्च करेगा। गगनयान मिशन का मानव रहित पहला लॉन्च इसी साल दिसंबर में होगा।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  भारत के इतिहास में पहली बार डिजिटल जनगणना कराने की घोषणा की है। इसके लिए 3,760 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमम ने घोषणा की कि देश में करीब 100 नए सैनिक स्कूल बनाए जाएंगे। लेह में केंद्रीय यूनिवर्सिटी बनाए जाने का ऐलान किया गया है। इतना ही नहीं, जल्द ही हायर एजुकेशन कमीशन का गठन होगा। 

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मुफ्त रसोईं-गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना उज्ज्वला के तहत एक करोड़ और लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा। हम अगले तीन वर्षों में शहर के गैस वितरण नेटवर्क में 100 और जिलों को जोड़ेंगे। जम्मू और कश्मीर में गैस पाइपलाइन परियोजना शुरू की जाएगी।

-वित्त मंत्री ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत 2,000 करोड़ से अधिक की सात बंदरगाह परियोजनाओं की घोषणा की। 

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार किसानों की फसलों पर लागत से कम से कम डेढ़ गुना ज्यादा रकम देने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने किसानों को 75 हजार करोड़ रुपये ज्यादा दिए हैं। किसानों को दिए जाने वाले भुगतानों में भी तेजी की गई है। उन्होंने कहा कि MSP पर फसल खरीद का कार्य तेजी से जारी है, इसके परिणामस्वरूप किसानों को पर्याप्त भुगतान किए जाने के मामले में बढ़ोत्तरी हुई है। 2020-21 में किसानों को कुल 75,060 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश भर में फसलों की MSP पर खरीद जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने MSP को डेढ़ तक बढ़ाने का काम किया है।

-वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार इसी वित्तीय वर्ष में एलआईसी के आईपीओ को बाजार में लाया जाएगा।

बीमा क्षेत्र में एफडीआई की लिमिट अब 74 फीसदी तक बढ़ाने का ऐलान। वित्त मंत्री ने कहा कि अब इंश्योरेंस सेक्टर में 74 फीसदी तक एफडीआई हो सकेगी। बता दें कि इससे पहले सिर्फ 49 फीसदी तक की ही मंजूरी थी। वित्त मंत्री ने डूबे कर्जों के लिए भी बड़ा ऐलान करते हुए मैनेजमेंट कंपनी बनाने की बात कही है।

-वित्त मंत्री ने शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये 18,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले छह साल में बिजली क्षेत्र में कई सुधार किये गये, इस दौरान कुल क्षमता में 1,38,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता जोड़ी गयी। उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को एक से अधिक वितरण कंपनियों में से किसी को चुनने का विकल्प देने के लिए रूपरेखा तैयार की जाएगी।

-वित्त मंत्री ने कहा कि मुफ्त रसोई गैस रसोई गैस योजना उज्ज्वला को 1 करोड़ और लाभार्थियों तक बढ़ाया जाए। सार्वजनिक बस परिवहन सेवाओं की वृद्धि के लिए 18,000 करोड़ रुपये की लागत से एक नई योजना लांच की जाएगी।

-वित्त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक बस परिवहन सेवाओं की वृद्धि के लिए 18,000 करोड़ रुपये की लागत से एक नई योजना लांच की जाएगी। कुल 702 किमी परंपरागत मेट्रो परिचालन में हैं। 1,016 किमी मेट्रो और आरआरटीएस 27 शहरों में निर्माणाधीन हैं। कोच्चि मेट्रो रेलवे फेज 2 पर कार्य शुरू होगा, जिसकी लंबाई 11.5 किमी और लागत 1,957.05 करोड़ रुपये होगी।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि रेलवे मालगाड़ियों के लिये अलग से बनाये गये विशेष गलियारों को बाजार पर चढ़ाएगी। वित्त मंत्री ने 2021-22 के बजट भाषण में कहा कि गेल इंडिया लि., इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और एचपीसीएल की 20 पाइपलाइन को बाजार पर चढ़ाया जाएगा। वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष के 4.39 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले अगले वित्त वर्ष के लिये 5.54 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राष्ट्रीय रेल योजना 2030 तैयार हो गई है। रेलवे के लिए 1 लाख 10 हजार 55 करोड़ रुपये की पूंजी आवंटित की गई है। । 2030 से नई रेल योजना शुरू करने का ऐलान किया गया है। 

-पश्चिम बंगाल में नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट का ऐलान। वित्त मंत्री ने कहा कि 25,000 करोड़ रुपये की लागत से पश्चिम बंगाल में 675 किमी राजमार्ग का निर्माण किया जाएगा। वहीं, 65,000 करोड़ रुपये के निवेश से केरल में 1,100 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि 1.03 लाख करोड़ रुपये के निवेश से तमिलनाडु में 3,500 किमी के राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जाएगा।

-उत्पादन आधारित योजना (पीएलआई) पर इस वित्त वर्ष से शुरू अगले पांच साल में 1.97 लाख करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे: वित्त मंत्री।

– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले पांच साल में 1,41,678 करोड़ रुपये के व्यय के साथ स्वच्छ भारत के दूसरे चरण का क्रियान्वयन किया जाएगा।

-सरकार की ओर से 64,180 करोड़ रुपये इसके लिए दिए गए हैं और स्वास्थ्य के बजट को बढ़ाया गया है। इसी के साथ सरकार की ओर से WHO के स्थानीय मिशन को भारत में लॉन्च किया जाएगा। इतना ही नहीं, वित्त मंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 2021 तक 5 वर्षों की अवधि में 1,41,678 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय आवंटन के साथ लागू किया जाएगा।

– सीतारमण ने कहा कि बजट प्रस्ताव स्वास्थ्य और जन कल्याण, भौतिक और वित्तीय पूंजी सहित छह स्तंभों पर आधारित हैं। 2020-21 के बजट में 6 स्तंभों का प्रस्ताव: 1. स्वास्थ्य और कल्याण 2. भौतिक और वित्तीय पूंजी एवं अवसंरचना 3. आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास 4. मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना 5. नवप्रवर्तन और अनुसंधान एवं विकास 6. न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन

-वित्त मंत्री ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अलावा 64,180 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ आत्मनिर्भर स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरुआत का प्रस्ताव रखा।  वित्त मंत्री ने 4,378 शहरी स्थानीय निकायों के लिये 2.87 लाख करोड़ रुपये के व्यय के साथ जल जीवन मिशन की घोषणा की।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब तक केवल तीन बार अर्थव्यवस्था में गिरावट आयी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों की मदद के लिये अपने संसाधनों का यथासंभव पूरा उपयोग किया है। सरकार सतत और भरोसेमंद वृद्धि के लिये अर्थव्यवस्था के समर्थन को लेकर पूरी तरह से तैयार है।

-कोरोना वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ रुपये का ऐलान किया। कोविड वैक्सीन को विकसित करने के लिए मोदी सरकार ने 35,000 करोड़ रुपये की रकम का आवंटन किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगर इससे ज्यादा रकम की जरूरत होती है तो वह भी उपलब्ध कराई जाएगी।

– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना’ योजना का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस पर 64 हजार करोड़ की पूंजी खर्च होगी। सीतारमण
ने कहा कि सरकार ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिये आत्मनिर्भर पैकेज के तहत 27.1 लाख करोड़ रुपये की घोषणा की। आत्मनिर्भर भारत पैकेज ने संरचनात्मक सुधारों की गति को तेज किया।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत में दो और वैक्सीन जल्द ही लॉन्च होंगी। उन्होंने कहा कि आज भारत के पास दो वैक्सीन उपलब्ध हैं। हमने कोविड-19 के विरुद्ध स्वयं के नागरिकों को चिकित्सा की दृष्टि से सुरक्षित करना शुरू किया है। 100 या उससे अधिक देशों के लोगों को भी इसकी सुरक्ष मुहैया कराई है।

– निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम मोदी ने गरीब तबकों के लिए खजाना खोले रखा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, आत्मनिर्भर योजना मिनी बजट की तरह ही है। आत्मनिर्भर पैकेज ने रिफॉर्म को आगे बढ़ाया।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जिस तरह से इस बार बजट बनाया गया वैसा पहले कभी नहीं हुआ, यह एक बड़ी चुनौती थी। पिछली बार जब हम बजट पेश कर रहे थे, तब ये पता नहीं था कि ग्लोबल इकॉनमी कहां जाने वाली है। हमने ये कल्पना नहीं की थी कि हम हेल्थ संकट की तरफ बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ण लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू की गई। इससे 80 करोड़ गरीबों को फायदा मिला। आठ करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस सिलिंडर मिला। 

– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट पेश कर रही हैं। अपने बजट भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से देश को बाहर निकालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को कई आर्थिक पैकेज दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार का बजट डिजिटल बजट है, ये ऐसे वक्त में आ रहा है जब देश की GDP लगातार दो बार माइनस में गई है, लेकिन ग्लोबल इकनॉमी के साथ भी ऐसा ही हुआ है। 2021 ऐतिहासिक साल होने जा रहा है, जिसपर देश की नजर है।

– आम बजट को मोदी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। 

पिछली बार बही खाते में पेश हुआ था बजट
निर्मला सीतारमण ने 2019 में अपने पहले बजट में चमड़े के पारंपरिक ब्रीफकेस को बदल दिया था और लाल कपड़े में लिपटे ‘बही-खाते’ के रूप में बजट दस्तावेजों को पेश किया था। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष का बजट इस तरीके का होगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।

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