KGMU के वर्तमान और पूर्व कुलपति में ’जंग’ शुरू

कुलपति भट्ट के खिलाफ पूर्व कुलपति रविकांत उतरे मैदान में, लगाए कई गंभीर आरोप
लखनऊ। केजीएमयू में पूर्व कुलपति रविकांत और वर्तमान कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट के बीच जंग छिड़ गई है। प्रो. रविकांत ने मंगलवार की देर रात लेटर जारी कर प्रो. एमएलबी भट्ट के कुलपति पद पर चयन पर सवाल खड़ा किया। हालांकि प्रो. रविकांत पर आरोप लग रहा है कि वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि प्रो. भट्ट ने उनके खिलाफ जांच बैठा दी है। ताजा विवाद से केजीएमयू में हडक़ंप है। यहां के कर्मचारी और अधिकारी दो खेमों में बंट गए हैं। एक खेमा प्रो. रविकांत को तो दूसरा प्रो. भट्ट को गलत बता रहा है। पत्र में प्रो. भट्ट की कुलपति पद पर नियुक्ति को गलत बताया गया है। एक शिकायती पत्र राज्यपाल व मुख्यमंत्री को भी भेजा गया है। यह पत्र केजीएमयू के पूर्व सीएमएस और वृद्घावस्था मानसिक रोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एससी तिवारी ने भेजा है, जिसे पूर्व कुलपति प्रो. रविकांत ने मीडिया कर्मियों के पर्सनल व्हाटसऐप पर भेजा है।
पूर्व कुलपति ने वर्तमान कुलपति के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है। गौरतलब है कि कुलपति प्रो. भट्ट प्रो. रविकांत द्वारा किए गए कारनामे की जांच करा रहे हैं, जिसमें मशीनों की खरीद, नियुक्ति व अपने चहेते शिक्षकों को प्रोफेसर बनाने का मामला तक शामिल है। वहीं प्रो. भट्ट पर आरोप लगाने वाले प्रो. तिवारी, प्रो. रविकांत के नजदीकी है और इनके ऊपर भी भ्रष्टïाचार के आरोप लगे हैं, जिसके कारण उन्हें अपना सीएमएस का पद छोडऩे के लिए मजबूर होना पड़ा था। पत्र में कहा गया है कि प्रो. भट्ट केजीएमयू के 55 शिक्षकों से कनिष्ठï है और उन्हें कुलपति पद पर इसलिए बैैठाया गया है क्योंकि आरएसएस के उच्च पदों पर बैठे लोगों ने इनके लिए दबाव बनाया था। पत्र में राज्यपाल पर भी दबाव में आकर प्रो. भट्ट की नियुक्ति करने का आरोप लगाया गया है। पत्र में प्रो. भट्ट को कुलपति पद से हटाए जाने व संस्थान के किसी वरिष्ठï शिक्षक को नियुक्त करने की मांग की गई है।
अभी मुझे कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद विधिक राय ली जाएगी। इसके बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।
प्रो. एमएलबी भट्ट कुलपति, केजीएमयू
-प्रो. एससी तिवारी, विभागाध्यक्ष,वृद्घावस्था मानसिक रोग विभाग, केजीएमयू





