केरल के इस मंत्री ने बाढ़ राहत कार्य को छोड़ दी जर्मनी की कॉन्फ्रेंस को मान्यता

केरल इन दिनों भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है. करीब एक सदी बाद केरल ऐसी त्रासदी का सामना कर रहा है. नेता, जनता और अफसर साथ मिलकर इस भयावह स्थिति से निपटने के लिए एकजुट हैं. वहीं राज्य सरकार में वन और जीव-जंतु संरक्षण मंत्री के. राजू एक वार्ता में शामिल होने के लिए जर्मनी गए हुए हैं.केरल के इस मंत्री ने बाढ़ राहत कार्य को छोड़ दी जर्मनी की कॉन्फ्रेंस को मान्यता

पुनालूर विधानसभा का प्रतिनिधिनत्व करने वाले के. राजू को सीपीआई की राज्य आलाकमान ने जर्मनी से तुरंत वापस आने के निर्देश दिए हैं. मंत्री के कार्यालय ने बताया कि वह 2 दिन के भीतर केरल लौट आएंगे. बता दें कि NEWS18 केरल ने राज्य में भीषण आपदा के वक्त मंत्री की गैरमौजूदगी की खबर दी थी. राजू की विदेश यात्रा की यहां खूब आलोचना हो रही है.

एक ओर सरकार बाढ़ से प्रभावित लोगों को बचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अपना इलाज कराने के लिए अमेरिका की 19 दिन की यात्रा रद्द कर दी है.सीपीआई नेतृत्व ने राजू की यात्रा पर दुख व्यक्त किया है और उनसे तुरंत राज्य लौटने के लिए कहा है. वह 17 अगस्त से 19 अगस्त तक बायर्न में विश्व मलयाली काउंसिल द्वारा आयोजित 11 वें वैश्विक सम्मेलन में भाग लेने गए थे.

बीते आठ अगस्त से अब तक केरल में जल प्रलय ने 173 लोगों की जान ले ली है. बाढ़ के कारण खूबसूरत राज्य को गहरा धक्का लगा है और पर्यटन उद्योग बहुत प्रभावित हुआ है. हजारों एकड़ खेत में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं. बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा है. लअलग-अलग जगहों पर फंसे 80,000 से ज्यादा लोगों को आज सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया. इनमें 71,000 से ज्यादा लोग बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित एर्नाकुलम जिले के अलुवा क्षेत्र से थे. 

Back to top button