2019 के आम चुनाव से पहले बहुप्रतीक्षित न्यूनतम वेतनवृद्धि को लेकर अच्छी खबर है. 7 वें वेतन आयोग की सिफारिशों से आगे जाकर बेसिक सैलरी और रिटायरमेंट की उम्र में बढ़ाई जा सकती है. इसका फायदा करीब 50 लाख सरकारी कर्मचारियों को होगा. ये दावा एक रिपोर्ट में किया गया है. हालांकि, सरकार 7वें वेतन आयोग से आगे जाकर न्यूनतम मूल वेतन में किसी भी प्रकार की वृद्धि से इनकार कर चुकी है. लेकिन सेन टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजेपी सरकार 2019 में सत्ता में वापसी के लिए कर्मचारियों की मांग से सहमत होती दिख रही है.अभी-अभी: सरकारी कर्मचारियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, 2019 के चुनाव से पहले बढ़ सकती है बेसिक सैलरी और रिटायरमेंट की उम्र

रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहन के कदमों पर चल सकती है. एमपी के सीएम ने हाल ही में अपने राज्य के कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र 60 साल से बढ़ाकर 62 कर दी है. एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने सेन टाइम्स को बताया कि अगले साल होने वाले आम चुनावों से पहले चौहान का तरीके पर केंद्र की बीजेपी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की वेतनवद्धि को लागू करने पर विचार कर सकती है.

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि मध्य प्रदेश की सरकार के कदम पर चलते हए केंद्र 50 लाख कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहत फायदा देने के लिए ताजा विकल्पों पर काम कर सकती है.वर्तमान में केंद्रीय सरकार के कर्मचारी मूल वेतन फिटमेंट फॉर्मूला के 2.57 की बेसिक पे के आधार पर वेतन पा रहे हैं. अगर सरकार ने बड़ा कदम उठाया तो केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ये बड़ी खबर होगी.

फिटमेंट फैक्टर एक आंकड़ा है जिसे 7 वें सीपीसी ने उपयोग किया है. ये 6वें सीपीसी का ( ये है वेतन पे बैंड+ ग्रेड पे) का गुणा करके बेसिक वेतन को तय किया गया रिवाइज पे स्ट्रक्चर में ( ये है 7 वां सीपीसी). फिटमेंट फैक्टर 7 वें सीपीसी में 2.57 तय किया गया है. 7 वें वेतन आयोग ने शुरुआत में 18000 रुपए बेसिक सैलरी की सिफारिश की थी, लेकिन कर्मचारी इसे बढ़ाकर 26000 रुपए करने की मांग कर रहे हैं.