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NSG में शामिल होने के PAK के रास्ते बंद, बदलेगा भारत की सदस्यता पर चीन का रुख?

परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में शामिल होने का ख्वाब देख रहे आतंकवाद के पनाहगाह पाकिस्तान को अमेरिका ने तगड़ा झटका दिया है. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने न्यूक्लियर ट्रेड से जुड़ी सात पाकिस्तानी कंपनियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे वाली सूची में डाल दिया है. इससे पाकिस्तान के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में शामिल का दावा कमजोर हो गया है.

अमेरिका के इस कदम से पाकिस्तान के दोस्त चीन की उस कोशिश को भी झटका लगा है, जिसके तहत वह पाकिस्तान को NSG का सदस्य बनाए जाने की पैरवी और भारत की सदस्यता का विरोध करता आ रहा है. अब उम्मीद यह भी की जा रही है कि NSG में भारत की सदस्यता के दावे को लेकर चीन के रुख में बदलाव आएगा. इससे NSG में भारत के शामिल होने की राह आसान होगी.

इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा ने अपने शासनकाल में NSG की सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन किया था, जबकि चीन ने भारत का विरोध किया था और पाकिस्तान को भी इसके लिए दावेदार बताया था.

विशेषज्ञों की माने तो अमेरिका के इस प्रतिबंध के बाद से पाकिस्तान NSG में शामिल होने की रेस से बाहर हो गया है. हालांकि पाकिस्तान के विदेश विभाग का कहना है कि अमेरिका की इस प्रतिबंध सूची में NSG के सदस्य देशों की कंपनियां भी शामिल हैं. मालूम हो कि NSG विशिष्ट देशों का एक समूह है, जिसके सदस्य परमाणु सामग्री और टेक्नोलॉजी का व्यापार कर सकते हैं.

कुल 23 कंपनियों पर लगा बैन

अमेरिका के ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी द्वारा पिछले सप्ताह प्रकाशित फेडरल रजिस्टर में कुल 23 कंपनियों को शामिल किया गया है. पाकिस्तानी कंपनियों की सात कंपनियों के अलावा इस सूची में दक्षिणी सूडान की 15 कंपनियां और सिंगापुर की एक कंपनी शामिल है.

PAK कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर लगेगी रोक

ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी ने कहा कि सभी पाकिस्तानी कंपनियों के बारे में ऐसा माना जा रहा है कि ये अमेरिका की विदेश नीति के हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही हैं. अब इन सभी 23 कंपनियों को निर्यात नियंत्रण के कड़े प्रावधानों का सामना करना पड़ेगा, जो इन्हें अंतरराष्ट्रीय व्यापार से रोक भी सकता है.

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पाकिस्तान कंपनियों पर ये हैं आरोप

सात पाकिस्तानी कंपनियों में तीन के बारे में कहा गया कि वे असुरक्षित परमाणु गतिविधियों के प्रसार में संलिप्त हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिका की विदेश नीति से जुड़े हितों के प्रतिकूल है. दो कंपनियों पर आरोप है कि वे पहले से सूची में शामिल कंपनियों के साथ आपूर्ति- खरीद कर रही हैं.

शेष दो कंपनियों के बारे में कहा गया है कि वे सूची में शामिल कंपनियों के मुखौटे की तरह काम कर रही हैं. आठवीं पाकिस्तानी कंपनी सिंगापुर आधारित है. पाकिस्तान ने अभी तक अमेरिका के इस कदम पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

 
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