JNU हॉस्टल फीस वापसी की मांग पर पुलिस ने बरसाई लाठियां छिड़ा बवाल

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रावास फीस वापस लेने की मांग को लेकर राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च कर रहे जेएनयू छात्रों पर सोमवार को पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया गया। हालांकि दिल्ली पुलिस इससे इनकार कर रही है।

इस दौरान यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। एहतियातन मध्य दिल्ली के तीन मेट्रो स्टेशन बंद रहने के कारण यात्री घंटों परेशान रहे। छात्रसंघ ने फीस वापस होने तक आंदोलन जारी रखने और 12 दिसंबर से शुरू हो रहे सेमेस्टर परीक्षा के बहिष्कार का एलान किया।
सूत्रों के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्री मंगलवार को छात्रों से बात करेंगे। राष्ट्रपति भवन मार्च के चलते दिल्ली पुलिस ने कैंपस को छावनी में तब्दील कर दिया था। जेएनयू के तीनों गेट पर पुलिस का पहरा था।
पुलिस की योजना थी कि छात्रों को कैंपस से बाहर न निकलने दिया जाए, पर छात्र अलग-अलग गेट से निकल गए। मुनिरका के पास छात्र जमा हुए और राष्ट्रपति भवन की ओर कूच किया।
जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एन साईं बालाजी के मुताबिक, छात्र मुनिरका से भीकाजी कांप्लेक्स के पास पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। एक-दो छात्रों को पकड़कर गाड़ी में बैठाती रही।
इस बीच प्रदर्शनकारी सरोजनी नगर तक पहुंच गए। यहां पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज के चलते करीब 30 से अधिक छात्रों को चोट आई है।
चार घंटे परेशान रहे यात्री
प्रदर्शन के कारण एम्स से धौला कुआं की ओर जा रहा ट्रैफिक प्रभावित हुआ। यातायात पुलिस ने ट्वीट कर उस रूट से बचने की सलाह दी। इसके अलावा उद्योग भवन, लोक कल्याण मार्ग और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के गेट बंद होने से करीब चार घंटों तक यात्री परेशान रहे। शाम करीब 5:20 बजे स्टेशनों को खोला गया।
प्रदर्शन के कारण एम्स से धौला कुआं की ओर जा रहा ट्रैफिक प्रभावित हुआ। यातायात पुलिस ने ट्वीट कर उस रूट से बचने की सलाह दी। इसके अलावा उद्योग भवन, लोक कल्याण मार्ग और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के गेट बंद होने से करीब चार घंटों तक यात्री परेशान रहे। शाम करीब 5:20 बजे स्टेशनों को खोला गया।
दिल्ली पुलिस का लाठीचार्ज से इनकार
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जनसंपर्क अधिकारी अनिल मित्तल का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने जेएनयू छात्रों पर किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया और न ही लाठीचार्ज किया।
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जनसंपर्क अधिकारी अनिल मित्तल का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने जेएनयू छात्रों पर किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया और न ही लाठीचार्ज किया।
छात्रों से बातचीत में तय हुआ था कि वह जेएनयू से सरोजनी नगर तक शांतिपूर्ण पहुंचेंगे। मगर भीकाजी कॉमा प्लेस से वह एम्स की तरफ दौड़ने लगे। छात्रों को एम्स ट्रॉमा सेंटर के पास पीछे हटाया गया।
हॉस्टल फीस वृद्धि वापसी पर विजिटर को पत्र लिख की हस्तक्षेप की मांग
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने हॉस्टल फीस बढ़ोतरी मामले में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है। इसमें विश्वविद्यालय के विजिटर यानी राष्ट्रपति से कैंपस का माहौल सामान्य करने, छात्रों की हॉस्टल फीस वृद्धि वापसी की मांग पूरी करने से लेकर कुलपति के कामकाज को ठीक करवाने की मांग रखी गयी है।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने हॉस्टल फीस बढ़ोतरी मामले में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है। इसमें विश्वविद्यालय के विजिटर यानी राष्ट्रपति से कैंपस का माहौल सामान्य करने, छात्रों की हॉस्टल फीस वृद्धि वापसी की मांग पूरी करने से लेकर कुलपति के कामकाज को ठीक करवाने की मांग रखी गयी है।
वहीं, जेएनयू प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों से बात करता है। प्रशासन ने विश्वविद्यालय द्वारा बात न करने के आरोपों को झूठा बताया है। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के अलावा शिक्षक संघ समेत सभी हित धारकों से बात करता रहा है।
महासचिव सतीश को सड़क पर घसीटा और मारपीट: छात्रसंघ
छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष ने एक वीडियो साझा किया है जिसमें दिख रहा है कि दिल्ली पुलिस छात्रसंघ के महासचिव सतीश चंद्र को सड़क पर घसीटते हुए ले जा रही है। इस दौरान पांच से छह पुलिसवाले डंडे से पीटते हुए उसे घसीट रहे हैं। छात्रसंघ का कहना है कि आखिर निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज से सरकार क्या दर्शाना चाहती है।
छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष ने एक वीडियो साझा किया है जिसमें दिख रहा है कि दिल्ली पुलिस छात्रसंघ के महासचिव सतीश चंद्र को सड़क पर घसीटते हुए ले जा रही है। इस दौरान पांच से छह पुलिसवाले डंडे से पीटते हुए उसे घसीट रहे हैं। छात्रसंघ का कहना है कि आखिर निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज से सरकार क्या दर्शाना चाहती है।





