नकली नोटों को लेकर ISI ने उठाया खौफनाक कदम; लागत निकालने की फिराक में

जी हाँ!! भारत के 1000 और 500 के नकली नोट जो ISI ने बनाये थे वह बंद होने के बाद से ISI की कमर टूट गयी है| ISI वाले इसकी भरपाई करने के लिए खौफनाक कदम उठाया है|

यह भी पढ़ें:- मोदी हटाओ नोट चलाओ…. का ट्रेंड हुआ नोटों पर चालू
नकली नोटों को लेकर ISI ने उठाया ये कदम
500 और 1000 के नोट बंद से होने से जहां एक ओर देश के भीतर वो लोग परेशान घूम रहे हैं जिनके पास काला धन है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान इसलिए बौराया घूम रहा है कि उसके यहां पर छपे 500 और 1000 के नकली नोट पूरी तरह कूडा हो गए हैं। लेकिन, नोट बंदी के फैसले के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI नेपाल के रास्ते इन्हीं नोटों को 24 नवंबर से पहले-पहले भारत में ही खपाना चाहती है। ताकि उसकी थोड़ी लागत निकल आए। खुफिया एजेंसियों ने इस बात को लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया है। जिसके बाद भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। ताकि 500 और 1000 के पुराने नोटों की नकली करेंसी देश की सीमा में ना आए पाए। इसके साथ ही महानगरों की पुलिस को भी अलर्ट जारी किया गया है।
यह भी पढ़ें:- इस मस्जिद में तैयार किये जा रहे हैं खतरनाक आतंकी; छापे में हुआ खुलासा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने नकली नोटों के सप्लायर्स और आतंकी संगठनों को निर्देश दिया है कि उनके पास जितना भी नकली नोट है उसे नेपाल के रास्ते भारतीय बाजारों में उतार दिया जाए। इसके लिए भारत में स्लीपर सेल की मदद ली जाए। ज्यादा से ज्यादा पुराने नोटों को चलाने की कोशिश की जाए। 24 नवंबर तक जरुरी सेवाओं में 500 और 1000 के पुराने नोटों के इस्तेमाल की इजाजत है। इसके साथ ही ISI ने अपने गुर्गों को इस बात के भी निर्देश दिए हैं कि वो इस बात की ज्यादा से ज्यादा कोशिश करें कि थोड़े-थोड़े पैसे को आधी कीमत पर लोगों को दे दें। ताकि 500 और 1000 के नकली नोट बाजार में खप सकें और ISI की थोड़ी बहुत लागत भी उसे मिल जाए।

यानी बैंकों से ये स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि नकली नोट रखने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें पुलिस के हवाले किया जाएगा। दरसअल, पाकिस्तान नेपाल और बांग्लादेश के रास्ते ही नकली नोटों की खेप भारत में भेजता था। मौजूदा हालत में ISI नकली नोटों को औने-पौने दाम पर भी बेचने को तैयार है। जानकारी के मुताबिक भारत की नकली करेंसी छापने से आईएसआई को करीब चालीस फीसदी तक का मुनाफ होता था। सबसे ज्यादा नकली नोट 500 और 1000 के ही छपते थे। 100 और 50 के नकली नोट छापनेे में लागत ज्यादा आती थी जबकि मुनाफा बहुत कम होता था। लेकिन, केंद्र की मोदी सरकार के फैसले के बाद नकली नोटों का कारोबार पूरी तरह चौपट हो गया है।





