आने वाला है इस साल का सबसे अशुभ संजोग, इन राशि वालों का सब कुछ हो जएगा बर्बाद

हिन्दू धरम में बहुत सी पौराणिक मान्यताएं चली आ रही हैं।  हर दिन एक भगवान को सम्भोधित करता हैं और हर भगवन को पूजने कर तरीका बिलकुल भिन्न होता हैं।  मेदिनी ज्योतिष में सूर्य के राशि परिवर्तन यानि संक्रांति के समय की कुंडली तथा पक्ष कुंडलियों (पूर्णिमा और अमावस्या की कुंडली) से वर्षा, भूकंप और सामाजिक-राजनीतिक परिवर्तनों की भविष्यवाणी करने की परंपरा भारत में सदियों पुरानी है। भारत में विभिन्न भाषाओं में छपने वाले पंचांगों में आपको इस प्रकार की ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पढ़ने को मिल जाएंगी। आज जब सूर्य रात्रि में कर्क राशि में प्रवेश करेंगे तो इस समय की कुंडली यानि कर्क संक्रांति की कुंडली से अगले 30 दिनों में भारी वर्षा, बादल फटने, भूकंप और भूस्खलन से भारी जान-माल के नुकसान के योग बनते दिख रहे हैं।

जन-धन की हानि का अशुभ योग

बड़े भूकम्पों की आशंका इसलिए भी अधिक है क्योंकि ‘भूमिपुत्र’ कहे जाने वाले मंगल ग्रह 27 से 31 जुलाई को धरती के सबसे निकट होंगे। भारतीय समय अनुसार 16 जुलाई 2018 को रात्रि 10 बजकर 27 मिनट पर सूर्य जब कर्क राशि में प्रवेश करेंगे तो जल तत्व की राशि मीन उदय हो रही होगी। मीन लग्न की कुंडली में लग्नेश गुरु अष्टम भाव में अशुभ स्थिति में हैं और अष्टमेश शुक्र छठे भाव में जन-धन की हानि का अशुभ योग बना रहे हैं।

होगी बड़ी राजनीतिक उथलपुथल

सूर्य के जलीय राशि कर्क में होकर मकर राशि में स्थित मंगल के साथ सम-सप्तक योग बनने से भारत और पाकिस्तान के कई हिस्सों में भारी बाढ़ लेकर आएगा। कर्क राशि से प्रभावित मध्य भारत में विशेष रूप से जुलाई के महीने में भारी वर्षा हो सकती है। 27 -28 जुलाई के चंद्रग्रहण के बाद उत्तर भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भूकंप के भी योग बन रहे हैं। इसके साथ ही भारत और पाकिस्तान में बड़ी राजनीतिक उथलपुथल देखने को मिलेगी।

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मेष राशिः सूर्य आपकी राशि के चौथे भाव में गोचर करेगा। यह गोचर आपके लिए मिश्रित फलदायी होगा। इस दौरान आपको पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रगति और लाभ मिलेगा। छात्रों के लिए यह गोचर लाभदायक सिद्ध होगा। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ख्याल रखना होगा।

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