जारी दिशानिर्देशों के अनुसार केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ( सीबीडीटी ) करदाताओं या उनके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान अनिवार्य नरम रुख अपनाने वाले क्षेत्र में काम करने वाले अधिकारियों से लगातार प्रभावित होता है. सबसे महत्वपूर्ण है कि कर अधिकारी और अन्य कर्मियों का व्यवहार विनम्र और तिरस्कार से बचने वाला होना चाहिए.

इस संबंध में टीपीएस निदेशालय की प्रधान महानिदेशक नीना कुमार ने देशभर में विभाग के सभी प्रमुखों को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि टीपीएस और सीबीडीटी को अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ उत्पीड़न , बदसलूकी और मनमानी करने की कई शिकायतें मिली हैं. ऐसी घटनाएं पूरी आयकर विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं. साथ ही उसके एक सेवा उन्मुखी संगठन होने के प्रयासों को भी प्रभावित करती हैं.

गौरतलब है कि इससे पहले आयकर विभाग ने सभी शिकायतों को 30 दिन के भीतर निपटाने के दिशा निर्देश जारी किया थे. विभाग ने अपने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों से कहा को से कोई भी शिकायत 30 दिन से ज्यादा लंबित न रहे. इसमें रिफंड, पैन संबंधी और आयकर संबंधी शिकायतें शामिल हैं.

निदेशालय ने क्षेत्रीय प्रमुखों को भेजी गई सूचना में इस बात का साफ तौर पर उल्लेख किया है कि प्रधानमंत्री द्वारा समीक्षा बैठकों में आयकर संबंधी किसी भी शिकायत के निपटान के लिए 30 दिन से ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए. इस सूचना में यह भी बताया गया है कि शिकायतों के निपटान में देरी की मुख्य वजह सक्षम अधिकारी की पहचान न हो पाना है और हाल में जारी सर्कुलरों या निर्देशों में इसका अभाव है.