भारत को जल्‍द मिलने वाला है, चीन के बॉम्‍बर जे -20 का काल

नई दिल्‍ली। चीन से लद्दाख सीमा पर लगातार तनाव बढ़ रहा है, जिसको देखते हुए दोनों देशों ने सीमा पर अपनी-अपनी सैन्‍य ताकत में इजाफा किया है। बताया जा रहा है कि चीन ने यहां पर अपने बॉम्‍बर जे -20 को भी तैनान किया है। लेकिन अब भारत को उसकी काट जल्‍द ही मिलने जा रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिस एस -400 मिसाइल की डिलीवरी को रूस ने चीन को देने से मना कर दिया है, उसे भारत को जल्द उपलब्ध कराने पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और रूस के रक्षामंत्री की मॉस्‍को में आज बात होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कल ही रूस रवाना हुए थे।

भारत और रूस के रक्षा मंत्री की बातचीत में एके 203 राइफल के भारत में उत्पादन पर भी फाइनल मुहर लगेगी। मेक इन इंडिया के तहत उत्तर प्रदेश के अमेठी में 6 लाख एके 203 बनाने की डील पर आज दस्तखत के बाद उत्पादन इसी साल शुरू हो जाएगा। 20000 राइफलों की पहली खेप सीधे रूस से कलास्नी कोव कंपनी से आएगी, जो भारत में आईएनएसएएस राइफल की जगह लेगी।

एल ए सी पर तनातनी के बीच महीने भर पहले रूस ने चीन को एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी रोक दी थी। एस-400 दुनिया का सबसे बेहतरीन मिसाइल डिफेंस सिस्टम है। रूस के अलावा सिर्फ चीन और तुर्की के पास इसकी कुछ यूनिट हैं। चीन ने डिलीवरी को रोके जाने पर भारत और अमेरिका की तरफ उंगली उठाई थी। हालांकि चीन के पास पहले से ही एस-300 मौजूद हैं, लेकिन दोनों देशों की तरफ से कभी इसकी संख्‍या में बारे में जानकारी नहीं दी गई है।

भारत को इसकी पहले खेप इसी साल मिलने वाली है और इसे उत्तरी सीमा पर तैनात किए जाने की योजना है। ये डिफेंस सिस्टम 400 किमी के दायरे में चीन और पाकिस्तान से आने वाली मिसाइलों को खत्म कर देगा। चीनी एडवांस्ड फाइटर जेट जे -20 को भी गिरा सकता है।

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