क्राइम सीन रीक्रिएशन में हुआ बड़ा खुलासा, ऐसे गई थी इंस्पेक्टर की जान

राजस्थान के पाली जिले में बदमाश को पकड़ने गए चेन्नई के इंस्पेक्टर की गोली लगने से मौत मामले की गुत्थी सुलझा ली गई है। चेन्नई पुलिस के इंस्पेक्टर पेरियापंडियन को गोली आरोपी नाथूराम जाट ने नहीं बल्कि उन्हीं की टीम के साथी इंस्पेक्टर द्वारा गलती से चलाई गई गोली लगी थी।
पाली जिला पुलिस एसपी दीपक भार्गव ने बताया कि घटनास्थल पर पुलिस ने जाकर क्राइम सीन को रीक्रिएट किया जिसके बाद पता लगा कि चेन्नई पुलिस की टीम में शामिल इंस्पेक्टर मुनीशेखर ने अपनी पिस्टल से गलती से गोली चला दी जो जाकर इंस्पेक्टर पेरियापंडियन को लग गई और उनकी मौत हो गई। मुनीशेखर ने पूछताछ में ये बात कबूल भी कर ली है जिसके बाद पाली पुलिस द्वारा तैयार की गई चार्जशीट में उनको भी धारा 304 ए के तहत आरोपी बनाया गया है। पाली जिला पुलिस के लिए गुत्थी बन रही पेरियापंडियन की मौत के बारे में चेन्नई पुलिस ने ही जिला पुलिस को गुमराह करने का काम किया। पहले तो इंस्पेक्टर मुनीशेखर ने पाली पुलिस को दिए गए अपने बयान में कहा कि आरोपियों ने गोली चलाकर पेरियापंडियन की हत्या की है वहीं पाली जिला पुलिस भी ये मानने को तैयार नहीं थी कि आरोपी को जब पकड़ लिया गया था तो वो कैसे उनपर गोली चला सकता है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी नाथूराम जाट और उसके परिजनों जिन्हें गिरफ्तार किया गया है पर से धारा 302 का केस हटा लिया है यानी अब उनपर केवल राजकार्य में बाधा डालने का ही केस चलाया जाएगा।





