हरियाणा में भाजपा ने मिशन 2019 के लिए मंत्रियों को उतारा मैदान में

चंडीगढ़। मिशन 2019 की तैयारी कर रही भाजपा ने अपने मंत्रियों को फील्ड में उतार दिया है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मंत्री अब अपने विभाग का रोडमैप लेकर जनता के बीच जाएंगे। राज्य सरकार के मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैैं कि वे अपने विभाग के अधिकारियों के साथ नियमित तौर पर प्रगति रिपोर्ट की जानकारी दें। मंत्रियों को यह भी बताना होगा कि अब तक उन्होंने कितनी योजनाएं बनाई और उनका किन लोगों को कितना फायदा पहुंचा।हरियाणा में भाजपा ने मिशन 2019 के लिए मंत्रियों को उतारा मैदान में

अब तक के कामों का रिपोर्ट कार्ड और भविष्य की योजनाओं का रोडमैप पेश करेंगे

राज्य सरकार जिला उपायुक्तों को पहले ही मासिक आधार पर प्रगति रिपोर्ट जारी करने के आदेश जारी कर चुकी है। अब यही प्रयोग मंत्रियों पर होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल हालांकि राज्य में विधानसभा चुनाव समय पर यानि अक्टूबर 2019 होने की बात कर रहे हैैं, लेकिन विपक्षी दल लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने की संभावना के मद्देनजर काम कर रहे हैैं। भाजपा ने जिस तरह से अपने मंत्रियों को फील्ड में उतारा है, उससे भी विपक्षी दलों की संभावना को बल मिल रहा है।

हर सप्ताह दो मंत्री संभालेंगे मोर्चा, सोमवार और बृहस्पतिवार को अफसर भी होंगे संग

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रोस्टर प्रणाली के तहत अपने मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है। सप्ताह में दो दिन सोमवार और बृहस्पतिवार को मंत्री मीडिया के जरिये अपना रिपोर्ट कार्ड लोगों के सामने पेश करेंगे और भविष्य की योजनाओं से अवगत कराएंगे।

रोस्टर प्रणाली के माध्यम से तय होगा कि कौन मंत्री व प्रधान सचिव अथवा अतिरिक्त मुख्य सचिव मीडिया के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड और रोडमैप लेकर जाएगा। इस बारे में पहले ही सूचना सार्वजनिक कर दी जाएगी। सीएम के मीडिया एडवाइजर राजीव जैन ने मंत्रियों की रोस्टर प्रणाली को लेकर मुख्यमंत्री और उनके प्रधान सचिव राजेश खुल्लर से बातचीत की है।

” हमारी सरकार के पास गिनाने के लिए कई काम हैैं। पहले दिन से ही सरकार काम और सिर्फ काम कर रही है। विपक्ष के दुष्प्रचार के बीच अब इन कामों की जानकारी देकर उनके हमलों को फेल करने की बारी है। प्रदेश सरकार, अधिकारियों व जनता के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए सरकार के कामों का अधिक से अधिक सामने आना जरूरी है। मुख्यमंत्री हर सोमवार और बृहस्पतिवार को दो मंत्रियों को सरकार के कामकाज पर बात करने के लिए कहेंगे। रोस्टर के तहत यदि कोई मंत्री उपलब्ध नहीं है तो उनके विभाग का एसीएस अथवा प्रधान सचिव जानकारी देगा।

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