थोड़ी देर न दिखे जंगली सूमो तो चेतक हो जाता है बेचैन, इनकी दोस्ती देखने आते हैं लोग…

सांप-नेवला औरकुत्ता-बिल्ली जैसे जानवर एक दूसरे के जानी दुश्मन माने जाते हैं. अगर सांप और नेवला आमने-सामने पड़ जाएं तो सांप की खैर नहीं. इसी तरह कुत्ते को बिल्ली दिख जाए तो तो वह इतनी तेजी से दौड़ता है कि जैसे बिल्ली को छोड़ेगा ही नहीं. अगर बिल्ली को मौका मिल जाए तो वह भी कुत्ते को सबक सिखाने में पीछे नहीं रहती. लेकिन मेरठ से 20 किलोमीटर दूर कैथवाड़ा झंडे वाला देवी मंदिर में एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है. यहां कुत्ते-बिल्ली की लड़ाई नहीं बल्कि उनकी नटखट शैतानियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं.

एक दूसरे को ना देखे तो हो जाते हैं परेशान
मंदिर की महंत कर्दम मुनि महराज बताती हैं कि उनके पास चेतक नाम का पालतू कुत्ता है. उसकी सूमो नाम की जंगली बिल्ली के साथ काफी अच्छी दोस्ती है. दोनों ही पिछले कई साल से मंदिर परिसर में ऐसे ही नटखट शैतानियां करते हुए आपको दिखाई देंगे. गांव ही नहीं आसपास में भी इनकी दोस्ती चर्चा बनी हुई है. इन्हें देखने के लिए भी काफी लोग मंदिर आते हैं. जब से इन दोनों में दोस्ती हुई है उसके बाद से अगर ये एक दूसरे को ना देखें तो बेचैन हो जाते हैं. वह बताती हैं कि जब बिल्ली जंगल में घूमने के लिए निकल जाती है और काफी देर मंदिर परिसर में नहीं आती तो चेतक इधर-उधर चक्कर ही काटता रहता है. जैसे ही सूमो वापस आती है तो वह अपनी भाषा में कुछ ना कुछ उससे पूछते हुए दिखाई देता है.

एक दूसरे को कभी नहीं पहुंचाते चोट
कर्दम मुनि महाराज बताती हैं कि भले ही कुत्ते-बिल्ली की दुश्मनी की बातें की जाती हैं लेकिन, यह दोनों काफी अच्छे दोस्त हैं. कभी भी एक दूसरे को नुकसान नहीं पहुंचाते. वह यह भी कहती हैं कि कोई कितनी भी लड़ाई करते हों लेकिन, मां भगवती की कृपा से इस मंदिर परिसर में वह आपको प्रेम की बातें करते हुए ही दिखाई देगा.

बताते चलें कि मंदिर के प्रति गांव के लोगों की अनोखी आस्था है. मान्यता है कि मां से जो भी मांगते हैं वह उन्हें मिलता है. ऐसे में एक तरफ जहां भक्ति मां झंडेवाली देवी की पूजा अर्चना करते हैं वहीं दूसरी ओर इन दोनों की नटखट अठखेलियां भी देखते हैं.

Back to top button