illegal माइनिंग ने ली दो भाइयों की जान, ऐसे बाहर निकाली लाशें

होशियारपुर . शहर के साथ लगते भंगी चो में अवैध माइनिंग की वजह से बने गड्ढों में भरे पानी में डूबने से दो सगे भाईयों समेत 3 बच्चों की मौत हो गई। हादसा 8 अगस्त को हुआ। पिछले 4-5 दिन से भारी बारिश के कारण भंगी चो में लगातार पानी रहा है। इसकी वजह से चो के सभी गड्ढे पानी से भरे हुए हैं। इन गड्ढों में 6 स्थानीय बच्चे नहाने गए थे।
illegal माइनिंग ने ली दो भाइयों की जान, ऐसे बाहर निकाली लाशें
 
इसमें विकास (10), बब्बी (6) सगे भाई हैं और तीसरा बच्चा दिलखुश है, जिसकी उम्र 10 साल के करीब है। विकास और दिलखुश की लाश मिल गई है, जबकि बब्बी की लाश नहीं मिली है।

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– जानकारी के मुताबिक, सभी बच्चे सुखियाबाद मोहल्ले के हैं। करीब 2 घंटे बहते पानी में मस्ती के बाद यह बच्चे गहरे खड्डों की ओर बहते चले गए। 
– इनकी गहराई 6 से 10 फीट थी। छह में से तीन बच्चे जिनको तैरना नहीं आता था वो डूब गए। 
– जो 2 सगे भाई नहाते समय डूबे हैं उनका एक ओर भाई बिशननाथ भी नहा रहा था, उसके समेत गुरमीत दीप बच निकले। 
– इन्होंने भाग कर सड़क से गुजर रहे महंत मोहन दास को सारी बात बताई, तो उन्होंने 100 नंबर और डीएसपी सुखविंदर सिंह को फोन किया।
घटना स्थल पर पहुंचे डिप्टी कमिश्नर विपुल उज्ज्वल ने लोगों से अपील की कि वह बरसात के मौसम को देखते हुए चो से बच्चों को दूर रखें। उन्होंने कहा के तेज बारिश के कारण जिले के सभी चो पानी से भरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत की घटना बहुत दर्दनाक है। इस मौके विधायक शाम सुंदर अरोड़ा, मेयर शिव सूद, एसडीएम जतिंदर जोरवर समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे हुए थे।
 
अवैध माइनिंग की शिकायत की थी : संजीव तलवाड़
मौके पर पहुंचे भाजपा नेता संजीव तलवाड़ ने कहा के भंगी चो में अवैध माइनिंग के कारण जगह-जगह बड़े गड्ढे पड़े हुए हैं। जिनका मुद्दा वह बहुत बार उठाकर प्रशासन को सुचेत करते रहे हैं। रेत की नाजायज चुकाई के कारण चो में बड़े गड्ढे हैं जिनमें बारिश का पानी भर जाता हैं। उन्होंने कहा के गड्ढों में पानी जमा होना ही मौत का कारण बना।
 
बच्चों के पड़ोसी युवकों ने ही निकाली लाशें
हादसे से जिला प्रशासन की तरफ से जिले में बरसात के मौसम को देखते चो में बांध और बाढ़ से निपटने के लिए किए प्रबंधों की भी पोल खुल गई। चो के पास ऐसा कोई भी प्रबंध नहीं था कि बच्चों को चो में खेलने से रोका जा सकता। जब प्रशासन और अधिकारी डूबे बच्चों की लाशें निकाल रहे थे उस समय भी चो के पास बच्चे पानी में खेल रहे थे। जब लोगों ने शोर मचाया तो कुछ पुलिस मुलाजिमों ने उन बच्चों को वहां से हटाया। दूसरी तरफ डूबे बच्चों की तलाश करने के लिए प्रशासन ने कोई गोताखोर नहीं मंगवाया। बच्चों के आस पड़ोस में रहते लड़कों गुरजिंदर सिंह, सुनील और रंजीत ने डेढ़ घंटे की मेहनत के बाद दो बच्चों की लाशें तलाशी। तीसरे बच्चे की लाश 8 बजे तक नहीं मिली थी।
  
साथी लड़कों ने बिशननाथ को मुश्किल से बचाया| विकासऔर बब्बी का तीसरा भाई बिशननाथ भी वहीं नहा रहा था, लेकिन उसे साथ नहाते दो लड़कों ने उसकी बाजू पकड़कर बचा लिया। बिशननाथ अपने दोनों भाइयों को आवाज देकर पुकारता रहा लेकिन वे पानी के तेज बहाव में डूब गए।
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