आईआईएम के विदेशी छात्रों को बाहर जाने से पहले बताना होगा कुछ ऐसा
इंदौर. आईआईएम में पढ़ने आई फ्रांस की छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना के बाद संस्थान सचेत हो गया है। घटना प्रकाशित होने के बाद बुधवार को संस्थान में दिनभर बैठकों का दौर चला। निदेशक प्रोफेसर ऋषिकेश टी. कृष्णन ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कर्नल गुरुराज गोपीनाथ पामिड़ी के साथ छात्रों और संस्थान के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की।

सभी छात्रों को संस्थान के इमरजेंसी नंबर के साथ प्रशासनिक, सतर्कता अधिकारियों के नंबर भी दिए गए हैं। छात्रों को स्टूडेंट्स एक्शन कमेटी के लगातार संपर्क में रहने के लिए कहा। साथ ही आईआईएम में पढ़ रहे विदेशी छात्र-छात्राओं को कैंपस से बाहर जाने से पहले सारी जानकारी संस्थान को देनी होगी।
प्रो. ऋषिकेश ने बताया कि हमने व्यवस्थाओं को और पुख्ता करने का निर्णय लिया है। स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आए सभी 30 छात्रों को इमरजेंसी नंबर उपलब्ध करवाए हैं। स्टूडेंट्स अब होस्टल वॉर्डन को बाहर जाने से पहले सूचित करेंगे कि वे कहां जा रहे हैं। छात्रों के लिए हर घंटे बसें उपलब्ध रहती हैं, जो उन्हें शहर के विभिन्न स्थानों पर ले जाती हैं। उन्हें निजी वाहनों का उपयोग न करने की सलाह भी दी जाती है।
रात 11 के बाद नहीं रुक सकते बाहर
आईआईआई में कोई भी स्टूडेंट सुबह 6 से पहले और रात 11 बजे के बाद संस्थान के बाहर नहीं रह सकता। तय समय के बाद कोई स्टूडेंट वापस लौटता है तो उन्हें इसका कारण बताना होता है। पहली बार देरी होने पर सिर्फ चेतावनी दी जाती है। लगातार नियमों की अनदेखी करने पर सजा का भी प्रावधान है।
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सीसीटीवी कैमरों से कैब चालक व संदेही युवकों की तलाश
डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पलासिया टीआई धैर्यशील येवले को कहा है कि जिस रूट पर (विजय नगर से इंडस्ट्री हाउस तक) विदेशी छात्रा के साथ घटना हुई वहां के सीसीटीवी कैमरे खंगालें। फुटेज में कैब ड्राइवर और छेड़छाड़ करने वाले युवकों तलाशें। इसके अलावा डीआईजी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र के होटलों व अन्य स्थानों पर आए विदेशी नागरिकों से अतिथि देवो भव: की तर्ज पर मिलें और यदि उन्हें कोई समस्या है तो तत्काल मदद करें।





