अगर आपने भी भारत में किया ये काम, तो आप भी खा सकते हैं जेल की हवा
नई दिल्ली। हर देश का अपना एक कानून होता है और वहां के नागरिकों के लिए उसे मानना भी जरूरी होता है। रोजमर्रा की चीजों को प्रभावित करने वाले ऐसे बहुत से अधिकार और कानून हैं, जिन्हें लेकर आमतौर पर लोग जागरुक नहीं होते हैं। कई बार उन्हें पता भी नहीं होता कि उनके देश में कोई ऐसा भी कानून हैं। यहां ऐसे ही 6 चीजों के बारे में बता रहे हैं जो भारत में गैरकानूनी है और इनका आपको अंदाजा भी नहीं होगा। 1948 के फैक्ट्रीज एक्ट के मुताबिक, महिला का रात में फैक्ट्रीज में काम करना गैरकानूनी है। लेकिन फिर समझ नहीं आता कि रात में लड़कियां बीपीओ-कॉलसेंटर में कैसे काम करती हैं?
बिना इजाजत के नहीं उड़ा सकते पतंग
भारत में ज्यादातर लोगों को पतंग उड़ना पसंद है। खासकर बसंत पंचमी पर तो पूरा आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये भी गैरकानूनी है। 1934 के इंडियन एयरक्राफ्ट एक्ट के मुताबिक, जैसे आपको प्लेन उड़ाने के लिए लाइसेंस चाहिए। वैसे ही पतंग उड़ाने के लिए भी लाइसेंस दिया जाता है। इसका मतलब ये है कि आप बचपन से लगातार कानून तोड़ रहे हो।
प्रॉस्टिट्यूशन की दलाली गैरकानूनी
प्रॉस्टिट्यूशन के लिए हमारे देश में कोई कानून नहीं है। लेकिन उसकी दलाली करना गैरकानूनी माना जाता है। इसलिए रेडलाइट एरिया में लोग सीधे प्रॉस्टीट्यूट से संपर्क करते हैं और पैसे के बदले रिलेशन बनाते हैं। लेकिन किसी से जबरत प्रॉस्टिट्यूशन करवाना, इसकी दलाली करना या दलाल के जरिए सेक्स वर्कर को अप्रोच करना अवैध है।
फैक्ट्रीज में पीकदान न होना भी गैरकानूनी
1948 के फैक्ट्री लॉ के मुताबिक, जहां भी वर्कर काम करते हैं उनके लिए फ्लोर पर निश्चित संख्या में थूकने के लिए पीकदान होने चाहिए।
खुदकुशी करना यानी कानून तोड़ना
खुदकुशी करना भारत में गैनकानूनी है। अगर आप खुदकुशी के प्रयास करते हुए मर गए तो आप कानूनी पचड़े से बच जाएंगे, लेकिन भगवान की दुआ से अगर आप बच गए तो आईपीसी की धारा 309 के तहत आप पर कानून तोड़ने का मुकदमा चलेगा।
रोड साइड वेंडर से नहीं करवा सकते हैं कान साफ और दांत को फिक्स
1948 के डेंटिस्ट एक्ट में चैप्टर पांच के मुताबिक, रास्ते में किसी भी झोलाछाप डॉक्टर से दांत नहीं निकलवा सकते। हालांकि डेंटिस्ट जिस चीज के पांच हजार लेता है, वहीं काम झोलाछाप डॉक्टर 150 में करता है। लेकिन फिर भी सेफ नहीं है। वहीं, कुछ लोगों को रास्ते में कान साफ करवाते हुए भी देखा जाता है।





