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अगर आप अपनी छाया में छेद देखते है तो समझिए आपकी मृत्यु…

भारतीय प्राचीन ग्रंथों में वास्तु एवं जीव संबंधों के बारे में अनेकानेक तथ्यों से शुभा अशुभ की जानकारी किसी भी स्थान पर रहने वालों को प्राप्त होती रहती है। प्रकृति को विभिन्न विकिरणों एवं संदेशों को समझने एवं ग्रहण करने की क्षमता मनुष्य से कई गुना अधिक होती है। तदनुसार वे अपने माध्यम से मनुष्य को आने वाले शुभाशुभ की जानकारी देते रहते हैं। ऐसे ही कुछ प्रमुख शकुन एवं अपशकुन की जानकारी आपको दे रहे हैं लेकिन इन्हें प्रयोग में लाने से पूर्व किसी विवाद में न पड़ कर स्वयं समय-समय पर इनका निरीक्षण परीक्षण कर सकते हैं।आज कलयुग के इस दौर में लोगों का एस्ट्रोलॉजी से विश्वस उठता चला जा रहा है, वे प्रैक्टिकल लाइफ की और बढ़ते चले जा रहे है जो एस्ट्रोलॉजी के लिए काफी बुरी बात है।

आज के समय में ऐसा इसीलिए हो रहा है क्योंकि कई ढोंगी बाबा एस्ट्रोलॉजी का गलत फायदा उठा रहे है और पैसा कमा रहे है। लेकिन आज हम आपको अशुभ संकेत देने वाली उन चीजों के बारे मे बताने जा रहे है जी आपके लिए मृत्यु का कारण भी बन सकती है, जो एक दम सच्ची मानी गई है, जिसे आज भी बड़े बुजुर्ग मान्यता देते है।

– कौआ को मैथुन करते हुए देखना बहुत ही अशुभ माना जाता है। यह संकेत है कि किसी व्यक्ति को गंभीर बीमारी हो सकती हैं। कुछ लोग मानते हैं कि यह मृत्यु का संकेत होता है। सिर पर कौए का बैठना किसी गंभीर बीमारी या मृत्यु का संकेत हो सकता है।

– सिर पर गिद्द का मंडराना अशुभ संकेत माना जाता है।

– अगर आप अपनी छाया में छेद देखते है तो समझिए आपकी मृत्यु निकट है।

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– जिस भवन में बिल्लियां प्राय: लड़ती रहती हैं वहां शीघ्र ही विघटन की संभावना रहती है विवाद वृद्धि होती है। मतभेद होता है।

– जिस भवन के द्वार पर आकर गाय जोर-जोर से रंभाए तो निश्चय ही उस घर के सुख में वृद्धि होती है।

– भवन के सम्मुख कोई कुत्ता भवन की ओर मुख करके रोए तो निश्चय ही घर में कोई विपत्ति आने वाली है अथवा किसी की मृत्यु होने वाली है।

– जिस घर में काली चींटियां समूह वृद्ध होकर घूमती हों वहां ऐश्वर्य वृद्धि होती है, किन्तु मतभेद भी होते हैं।

– घर में प्राकृतिक रूप से कबूतरों का वास शुभ होता है।

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