ऐसे बनाएं दही में ‘लौकी’ डालकर अलौकिक डिश

गर्मिय़ों को दिन दस्तक देने को हैं और इस दौरान दही का इस्तेमाल बढ़ जाता है. दही को कई तरह से खाया जाता है और सबसे पॉपुलर तरीकों में से एक है ‘रायता’ (Raita). रायते के भी कई प्रकार हैं लेकिन अगर इस रायते में ‘लौकी’ का इस्तेमाल हो तो यह ‘अलौकिक’ बन जाता है. तो आईए आज चर्चा करते हैं लौकी के रायते की.

रायता की कहानी:

वैसे तो रायता पूरे साउथ इस्ट एशिया में ही खाया जाता है लेकिन इसकी ओरिजिन भारत को ही माना जाता है. यह यूरोपिय ‘डिप’ से जरुर मिलती है लेकिन इसमें इस्तेमाल होने वाले मसाले इसे खास बना देते हैं. साथ ही रायता शब्द भी संस्कृत भाषा के ‘राजिका’ से निकला बताया जाता है. भारत में हर हिस्से में इसे खाया जाता है.

लौकी की कहानी:

आपके जानने वालों में से भी कई लोग जरूर ही लौकी (bottle gourd) का जूस पीते होंगे. लेकिन, क्या आप जातने हैं सबसे पुराने लौकी के अवशेष चीन और जापान में ही मिले हैं. यहीं से यह लौकी पूरी दुनिया में फैली है. लौकी की मिठाई से लेकर सब्जी तक बनती है. भारत में यह लौकी हर हिस्से में अलग-अलग तरह से बनाई जाती है. लौकी-चना हो या लौकी की खीर, बहुत चाव से खाते हैं लोग.

लौकी के फायदे तो बहुत हैं:

लौकी का जूस पिछले एक दशक में सबसे नया और पॉपुलर पेय पदार्थ माना जा सकता है. लेकिन, सभी को इसका स्वाद सूट नहीं करता है. अगर आपको इसमें दिक्कत आती है तो आप लौकी का रायता बना सकते हैं. लौकी खाने का चटपटा तरीका है यह. यही नहीं लौकी से पुराने जमाने में बर्तन और कई वाद्य यंत्र भी बनाए जाते थे.

बनाना भी है आसान:

लौकी को बस घिस कर उसे थोड़ा उबाल लें और फिर हल्का फ्राई कर दें. इसके बाद जब वह ठंडा हो जाए तो उसे दही में मिला लें. फिर क्या बस भूने हुए जीरा का पाउडर, पुदीना थोड़ी अदरख के साथ बारीक कटी हुई हरी मिर्च और धनिया डाल दें. कई लोग लाल मिर्च का भी इस्तेमाल करते हैं. लेकिन, इसे अपने पसंदीदा स्वाद की तरफ मोड़ा जा सकता है. जाता दही में इसकी नेचुरल मिठास ही कुछ और आती है.

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