07 मई 2018 दिन सोमवार का राशिफल एवं पञ्चाङ्ग- जानिए किसपर बरसने वाली है सूर्य देव की कृपा…

।।जय श्री सीताराम।। आप सभी का मंगल हो
।।आज का पञ्चाङ्ग।।

ऋतु-बसंत
माह-ज्येष्ठ
पक्ष-कृष्ण
तिथि-सप्तमी
सूर्य-उत्तरायण
सूर्योदय-05:26
सूर्यास्त-06:34
राहूकाल(अशुभमुहूर्त)प्रातः
07:30 से 09:00 तक
दिशाशूल-पूर्व
शुभदिशा-पश्चिम
अमृतमुहूर्त-प्रातः05:35 से 07:05 तक।

।।आज का राशिफल।।

मेष
आज जीवनसाथी का सहयोग व सानिध्य मिलेगा। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उपहार व सम्मान का लाभ मिलेगा। भाग्यवश कुछ ऐसा होगा जिसका आपको लाभ मिलेगा। वाणी की सौम्यता आवश्यक है।
राशिरत्न:-मूँगा
सुझाव:-श्री सूक्त से माता महा लक्ष्मी का अभिषेक करें।

07 मई 2018 दिन सोमवार का राशिफल एवं पञ्चाङ्ग- जानिए किसपर बरसने वाली है सूर्य देव की कृपा...

वृष
आज आपको परिजनों के सहयोग से अटके काम सहज ही पूरे होंगे | नकारात्मक सोच विकास की राह में बाधक होगी | पारिवारिक यात्रा हो सकती हैं | पुराने मित्र मिलेंगे | अपनों के साथ घुमने का मौका मिलेगा |
राशिरत्न:-हीरा,ओपल
सुझाव:-शिवपरिवार को अक्षत,दही, दूर्वांकुर व नैवेद्य(मिष्ठान्न)अर्पित करें।

मिथुन
आज आप सकारात्मक सोच और मेहनत से विपरीत हालात पर काबू पा लेंगे | विरोधी नाकाम होंगे | कारोबारी सौदे सोच-विचार कर हाथ में लें | दोस्तों का साथ मिलेगा |
राशिरत्न:-पन्ना
सुझाव:-आज कुशोदक से भगवान शिव का अभिषेक करें।

कर्क
आज से अनहोनी की आशंका दूर होगी | जल्दबाजी में काम बिगाड़ लेंगे | कारोबारी योजना टालनी पड़ेगी | रसुखदारों से संपर्क का लाभ मिलेगा | आय के स्रोत तलाशेंगे, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा ,व्यापार में मध्यम लाभ मिलेगा। यात्रा से लाभ होगा।
राशिरत्न:-मोती
सुझाव:-भगवान शिवसपरिवार को पंचामृत से स्नान व शुद्ध जल से स्नान करवें।

सिंह
जोखिम से दूर रहें संकर्ण के बजाय हकीकत स्वीकार करें | जीवनसाथी के सथ संबंध मधुर होंगे | मधुर व्यवहार से विरोधियों का भी दिल जीत लेंगे |यात्रा लाभकारी सिद्ध होगी। व्यापार में वांछित लाभ की संभावना है।
राशिरत्न:-माणिक्य
सुझाव:-भगवान शिव के सम्मुख देशी घी का दीपक जलावें।

कन्या
आज के दिन विपरीत माहौल में काम करना मुश्किल होगा | जिम्मेदारी निभाने के चक्कर में काम बढ़ सकता है | पारिवारिक समस्याओं का समाधान होगा | युवाओं को नौकरी मिल सकती है |
राशिरत्न:-पन्ना
सुझाव:-बच्चों में जलेबी बातें और स्वयं भी लें।

तुला
आज आपका पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। गृहोपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी। उपहार व सम्मान का लाभ मिलेगा। क्रोध व भावुकता में लिया गया निर्णय कष्टकारी होगा। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे।
राशिरत्न:-हीरा,ओपल
सुझाव:-अपने माथेपर केशर का तिलक लगावें।

वृश्चिक
आज आप अपने आत्मविश्वास और मेहनत से लक्ष्य हासिल कर लेंगे | राजकीय मामले सुलझेंगे | झूठ बोलकर मुश्किल में पड जाएंगे | प्रियजन से मुलाकात मधुर रहेगी | परिणय चर्चाओं में सफलता मिलेगी |
राशिरत्न:-मूँगा
सुझाव:-मखाने की खीर का माता लक्ष्मी को भोग लगावें ।

धन
आज आपको जीवनसाथी का सहयोग व सानिध्य मिलेगा। आमोद प्रमोद के साधनों में वृद्धि होगी। व्यावसायिक क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास फलीभूत होंगे। भाग्यवश कुछ ऐसा होगा जिसका आपको लाभ मिलेगा।
राशिरत्न:-पुखराज
सुझाव:-भगवान शिव का दूध से अभिषेक करें।

मकर
आज समय पर वादा पूरा करना आसान रहेगा | दूसरों के मामलों में दखल से बचें | जोड़ – तोड़कर काम बनाने की आदत नुकसानदायी रहेगी | विनम्र रहें | बेरोजगारों को रोजगार मिलने से प्रसंनता होगी |
राशिरत्न:-नीलम
सुझाव:-गाय को हरीघास या पालक खिलावें।

कुम्भ
आज युवाओं को वैवाहिक चर्चा में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रह सकता है | नए रोजगार मिलने के कारण तनाव कम होगा | स्वास्थ्य नरम बना रहेगा | हित सधता चला जाएगा |
राशिरत्न:-नीलम
सुझाव:-गरीब बच्चों को भर पेट भोजन करवें ।

मीन
आज आपको समय के साथ कार्यशैली में बदलाव करना पड़ सकता है | कुछ लोग ईर्ष्यावश नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे | सहकर्मियों से बनाकर चलें , राह आसान होगी |
राशिरत्न:-पुखराज
सुझाव:-मीठे पानी सहित सुराही दान करें।

।।आज के दिन का विशेष महत्व।।
1 आज बसंत ऋतु ज्येष्ठमाह कृष्णपक्ष सप्तमी तिथि है।
2 आज सर्वार्थसिद्धि योग है।

।।प्रेरणा दाई चौपाई।।
करि पूजा नैबेद्य चढ़ावा। आपु गई जहँ पाक बनावा।।
बहुरि मातु तहवाँ चलि आई। भोजन करत देख सुत जाई।।

अर्थ:- गोस्वामी तुलसीदास जी वर्णन करते हैं कि माताने ईष्ट देव की पूजा की और नैवेद्य अर्पित किया और स्वयं वहां गईं जहाँ पकवान बन रहे थे आध्यात्म रामायण में वर्णन आता है कि माता कौशल्या हर महीने की शुक्लपक्ष नवमी के दिन मालपुए,लड्डू,कचौड़ी, गुझिया, गुलगुला,और तरह- तरह के व्यजंन बाटती थी-
श्लोक-अपूपान्मोदकान् कृत्वा कर्णस्तुतिकांस्तथा।
वही नवमी का दिन था प्रभु बालक राम को पालना में शयन कराकर गयीं थी किंतु जब पूजा घर मे गयीं जहां नैवेद्य का भोग लग रहा था तो देखा कि श्री राम जी बैठकर भोजन कर रहें है।चलने की ताकत नहीं ,बकाइयाँ तो खिंच नहीं सकते तो पालना पर से उतर कर कैसे चले आये?फिर सोचा कि कोई दूसरा बालक है क्या?

गतांक से आगे…..कल।

।।इति शुभम्।।

।।आचार्य स्वामी विवेकानन्द।।
।।ज्योतिर्विद व संगीत मय श्रीरामकथा व श्रीमद्भागवत कथा व्यास।।
।।श्री अयोध्या धाम।।
संपर्क सूत्र-9044741252

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