मेरठ : स्वास्थ्य के लिए घातक है बढ़ता हुआ नम तापमान
मेरठ। मौसम में अचानक परिवर्तन कष्टकारी साबित हो रहा है। उमस बढ़ने से बुधवार को असहनीय गर्मी से लोग बेहाल हो गए। जनपद का वेट बल्ब तापमान 28.4 डिग्री पर पहुंच गया जबकि अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री रहा। पिछले 24 घंटों की तुलना में आर्द्रता दो गुना से अधिक बढ़ गई है। अगले तीन चार दिन तक गर्मी का ऐसा ही प्रकोप बने रहने के आसार हैं।
क्यों घातक है वेट बल्ब तापमान
मौसम विभाग दो प्रकार का तापमान दर्ज करता है। पहला ड्राई बल्ब और दूसरा वेट बल्ब तापमान। ड्राई बल्ब से वातावरण की गर्मी जबकि वेट बल्ब से नमी के तापमान का पता चलता है। अमूमन हमें ड्राई बल्ब तापमान की ही जानकारी रहती है, क्योंकि वेट बल्ब तापमान मौसम विभाग के रिकार्ड में ही दर्ज रहता है।
अगर ड्राई बल्ब तापमान 37 के ऊपर है और वेट बल्ब तापमान 26 डिग्री के से अधिक हो जाए तो यह गर्मी असहनीय हो जाती है। पसीना नहीं सूखता और बेचैनी रहती है। वेट बल्ब 30 डिग्री तक पहुंचने पर छटपटाहट पैदा होती है। कमजोर लोगों की जान भी जा सकती है। डा. आशुतोष जैन का कहना है, मानव का मस्तिष्क और अन्य अंदरूनी अंग एक निश्चित तापमान में ही सही काम करते हैं। सामान्य गर्मी में पसीना निकलने से शरीर ठंडा रखकर निश्चित तापमान बनाए रखता है। जबकि उमस बढ़ने पर पसीना नहीं सूख पाता, जिससे शरीर के अंदरूनी और बाहरी तापमान में काफी अंतर होने से बेचैनी और छटपटाहट होने लगती है। इसे हाइपरथर्मिया कहते हैं। सुबह 11 से 5.30 बजे तक गर्मी का कहर
मौसम विभाग की वेधशाला में दिन में चार बार तापमान नोट किया जाता है। बुधवार सुबह आदृता का प्रतिशत 66 जबकि मंगलवार को यह 28 प्रतिशत था। तेज गर्मी से नमी भी गर्म होने लगी। दिन में 11.30 बजे सामान्य तापमान 35.6 और नम तापमान 28 पर पहुंच गया। शाम 5.30 बजे यह उच्चतम स्तर 28.4 डिग्री पर पहुंच गया। चिपचिपी गर्मी के कारण धूप के साथ छांव में भी खड़ा होना भी मुश्किल हो गया। पंखों और कूलर के आगे बैठने के बावजूद लोग पसीने से तरबतर रहे। कार्यालयों में कर्मी परेशान रहे। सड़कों पर भीड़ कम रही। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही ने बताया कि बुधवार को हवाएं शुष्क (पश्चिमी) से बदलकर आर्द्र (पूर्वी) हो गई, जिससे गर्मी का प्रभाव और बढ़ गया है। 28 मई तक प्रचंड गर्मी का प्रभाव एनसीआर में रहेगा।





