हैप्पी वुमेंस डे, लेकिन एक नजर इधर भी

पूरी दुनिया वुमेंस डे यानी महिला दिवस मना रही है. रेडिय़ो, टीवी, अखबार, व्हाट्सएप, फेसबुक हर जगह महिलाओं के लिए तमाम अच्छी-अच्छी बातें हो रही हैं. महिलाओं की आज़ादी, उनकी तरक़्क़ी, क़ुर्बानी, तपस्या, समानता, अधिकार सबके गुण गाए जा रहे हैं. पर अफसोस एक कोना ऐसा भी हैं जहां आज भी हम में से हर कोई झांकने से बचता है. झिझकता है. ये कोना लगभग हर शहर में हम सबके बीच मौजूद है. और इन कोनों में कोई और नहीं बल्कि यही महिलाएं कैद हैं.






