#HAPPY FRIENDSHIP DAY: सात अजूबे इस दुनिया में आठवीं इनकी जोड़ी…

सात अजूबे इस दुनिया में, आठवीं अपनी जोड़ी…, कुछ इसी राह पर चलकर दो दोस्तों ने समाज में नई मिसाल कायम की है। इन लोगों ने जीवन के सफर में दोस्ती का हाथ बढ़ाया जिसे अभीतक नहीं छोड़ा है। साथ पढ़ाई के बाद नौकरी भी साथ की और शादी भी। हर सुख-दुख में साथ रहे और घर भी साथ-साथ बनाए, लेकिन आंगन में दीवार नहीं बनाई। अब इनके बच्चे भी इनके नक्शे कदम पर चलकर एक जैसा प्रोफेशन चुनकर दोस्ती की बेल बढ़ा रहे हैं। फ्रेंडशिप डे पर हम ऐसे ही कुछ दोस्तों की कहानी बता रहे हैं। 
#HAPPY FRIENDSHIP DAY: सात अजूबे इस दुनिया में आठवीं इनकी जोड़ी...
रायपुर रोड स्थित बैंक कॉलोनी में रहने वाले द्वारिका नाथ अरोड़ा और सुरेंद्र नाथ ओहरी की दोस्ती 28 साल पुरानी है। दोनों 75 वर्ष के हो गए हैं, लेकिन आज भी उनकी दोस्ती का जज्बा जवां है। हर काम दोनों एक-दूसरे से सलाह लेकर ही करते हैं। द्वारिका नाथ बताते हैं कि पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई। इसके बाद हिमाचल में साथ-साथ नौकरी ज्वाइन कर ली। इसी दौरान दोस्ती के नाम एक प्लॉट लिया। प्लॉट दोनों के नाम पर है। इसके बाद घर बनाया, लेकिन बीच में दीवार नहीं बनाई। सुरेंद्र नाथ ओहरी ने बताया कि जब भी कोई दिक्कत हुई दोस्त द्वारिका हर मोड़ पर खड़े मिले। हमारा रिटायरमेंट भी साथ-साथ हुआ। अब बच्चों ने भी घर के बीच में दीवार बनाने से इनकार कर दिया है। दोनों परिवारों के बच्चों में भी बेहद प्यार है।
बसंत बिहार निवासी विष्णु लखेड़ा और सत्य शरण कोठियाल 55 साल से साथ-साथ हैं। दोनों की उम्र 77 वर्ष हो चुकी है। विष्णु बताते हैं कि दोनों ने साथ ही फौज में शामिल हुए थे। इसके पांच साल बाद साथ-साथ बीएसएफ ज्वाइन कर ली। बीएसएफ में 32 साल की नौकरी के बाद बसंत बिहार में मकान बनाया। सत्य शरण बताते हैं कि जब भी हम दोनों के बीच बहस हो जाती है तो कोई भी ‘चल तू ही सही है’ कह कर सारा मामला टरका देता है। यही हमारी दोस्ती का मूल मंत्र भी है। सत्य शरण ने बताया कि हम दोनों के बेटों का जन्म एक ही दिन हुआ था। इनमें से एक ब्रिगेडियर और दूसरा कर्नल है। 

केवल विहार निवासी एसके शर्मा और सुभाष गुप्ता की दोस्ती 30 साल पुरानी है। एसके शर्मा बताते हैं कि उनका परिवार गाजियाबाद में रहता है। ऐसे में वह हर बार घर नहीं जा पाते हैं। दोस्त बुलंदशहर में है तो मां-बहनों का पूरा ख्याल वही रखता है। रक्षाबंधन पर भी वही घर जाता है। यहां तक कि बहनों की शादी में सुभाष से ही भात भरवाया गया। आज परिवार में कोई काम हो तो पहले सुभाष को ही पूछा जाता है। एसके शर्मा के अनुसार सारे परिचित हम दोनों को डबल एस की जोड़ी के नाम से पुकारते हैं। 

 
 
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