इस आसान तरीके से उगाइए गमले में बैंगन और…

बैंगन ऐसी सब्ज़ी है जो लगभग हर मौसम में आपको मिल जाती है। इसकी कई अलग-अलग किस्में भी हैं जो आप मौसम के हिसाब से उगा सकते हैं। बैंगन में पोटेशियम और मैंगनीशियम होता है जिससे कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है। साथ ही बैगन में विटामिन सी के गुण भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है और शरीर को संक्रमण से मुक्त रखने में मदद करता है। इसलिए बैंगन को आप कुछ मात्रा में अपने भोजन में शामिल अवश्य करें। लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि बैगन को अगर जैविक तरीकों से  उगाया जाए तभी आप इसके पोषक तत्वों को ले सकते हैं। क्योंकि रसायनों से उगी सब्ज़ियों से पोषण कम और बीमारी ज़्यादा मिलती हैं।

इसलिए आज हम आपको बता रहे हैं कि आप कैसे घर पर ही बैंगन उगा सकते हैं और वह भी बहुत ही आसान तरीकों से। इसके लिए हमने लखनऊ में लंबे वक्त से गार्डनिंग कर रहे अंकित बाजपेई से बात की। अंकित ने बताया कि बैंगन की कई अलग-अलग किस्में होती हैं लेकिन इनके लगाने का तरीका लगभग एक ही जैसा है। अगर आपके घर के किसी कोने में या फिर छत-बालकनी में अच्छी धूप आती है तो आप अपने घर में आसानी से यह सब्ज़ी उगा सकते हैं। बीज खरीदने के लिए आप अपने लोकल बाजार में कोई दूकान ढूंढ सकते हैं या फिर किसी भरोसेमंद ऑनलाइन वेबसाइट से ऑर्डर कर सकते हैं।

बैंगन हर मौसम में मिलने वाली सब्ज़ी है इसलिए आप इन्हें उगाने का कभी भी ट्राई कर सकते हैं। लेकिन मासून के बाद अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में इन्हें उगाने पर सबसे अच्छा रिजल्ट मिलता है।

क्या-क्या चाहिए:

बैंगन के बीज, कोई पेपर कप या छोटा गमला, मध्यम साइज का गमला/पुरानी प्लास्टिक की बाल्टी, पॉटिंग मिक्स, पानी

कैसे तैयार करें पॉटिंग मिक्स

पॉटिंग मिक्स तैयार करने के लिए आप 60% रेत, 20% मिट्टी और 20% गोबर की खाद लें। तीनों को अच्छे से मिक्स कर लें। खाद के लिए आप वर्मीकम्पोस्ट या घर पर बनी खाद भी ले सकते हैं। यदि आप कहीं बड़े शहर में हैं जहां रेत नहीं मिल पा रही है तो आप कोकोपीट और मिट्टी भी मिला सकते हैं।

पौध तैयार करने के लिए:

सबसे पहले आप छोटे गमले या फिर पेपर कप को पॉटिंग मिक्स से भरें।

अब इसमें बैंगन के बीज डालें और ऊपर से हल्की सी मिट्टी से ढक दें।

स्प्रे करके पानी दें।

इन्हें अब आपको ऐसी जगह रखना है जहाँ सीधी धूप न आती हो।

ध्यान रखें कि पानी बहुत ज़्यादा न हो, अगर आपको ज़रूरत दिखे तभी पानी डालें।

लगभग 7-8 दिनों में बीज अंकुरित होने लगते हैं और कभी-कभी 10 दिन भी लग जाते हैं, इसलिए धैर्य रखें।

कम से कम 15 दिन बाद इन छोटे-छोटे पौधों को धूप में रखें।

नियमित तौर पर ज़रूरत के हिसाब से पानी देते रहें।

30-35 दिन बाद आपके पौधे इतने बड़े हो जाएंगे कि आप इन्हें ट्रांसप्लांट कर सकते हैं।

ट्रांसप्लांट कैसे करें:

अब मध्यम साइज के गमले लें या फिर आप छोटे गमले भी ले सकते हैं।

इसमें पॉटिंग मिक्स भरें .

बैंगन के पौधों को बहुत ही ध्यान से पुराने गमले से निकालकर नए गमलों में लगाएं .

ध्यान रखें कि अगर गमला छोटा है तो आप एक ही पौधा उसमें लगाएं और मीडियम साइज के गमले में आप दो पौधे लगा सकते हैं।

पौधे लगाकर पानी स्प्रे करें।

अब इन गमलों को लगभग एक हफ्ते के लिए फिर से ऐसी जगह रखने जहाँ सीधी धूप न आती हो।

ट्रांसप्लांट करने के लगभग एक महीने बाद जब पौधे काफी बड़े हो जाएं तो आप इनमें खाद या पोषक सोल्यूशन दे सकते हैं। बीच-बीच में मिट्टी ऊपर-नीचे करके खाद मिला सकते हैं।

पोषण के लिए दें तरल खाद:

अंकित कहते हैं कि तरल खाद के लिए आप केले के छिलकों, सरसों की खली या फिर नीम खली का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह बनाने के लिए केले के छिलकों को किसी बोतल में डालें और इसमें पानी भरें। लगभग 15-20 दिन बाद इस पानी को पौधों में दें। इसी तरह आप सरसों खली को पानी में मिलाकर दे सकते हैं।

हर 15 दिन में आप यह पोषक सॉल्यूशन पौधों को देते रहें। अगर आपको कोई पेस्ट दिखे तो आप पेस्टिसाइड बना सकते हैं जैसे हरी मिर्च, अदरक और लहसुन का पेस्ट बनाएं और इसे पानी में मिलाकर पौधों पर स्प्रे करें। या फिर आप शैम्पू मिलाकर भी पानी पौधों पर स्प्रे कर सकते हैं। यह पेस्टिसाइड का काम करता है।

हार्वेस्टिंग:

लगभग 3 महीने बाद आपको पौधों में बैंगन दिखने लगते हैं। कभी-कभी पूरा आकार लेने में यह वक़्त लेते हैं तो आप लगभग चौथे महीने में बैंगन की हार्वेस्टिंग कर सकते हैं।

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