श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी, इस तारीख को खुलेंगे केदारनाथ के कपाट…

देवों की भूमि उत्तराखंड से श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी आ रही है। खबरों की मानें तो 17 मई से केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस बात की पुष्टि चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की अधिकारिक घोषणा से होती है, जिसमें कहा गया है कि 17 मई को केदारनाथ के कपाट खोल दिए जाएंगे। बोर्ड के अनुसार, भगवान शिव की मूर्ति को उखीमठ के ओंकारेश्वर से 14 मई को बाहर ले जाया जाएगा। इसके बाद केदारनाथ में भगवान शिव जी की प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा।

उखीमठ एक तीर्थ स्थल है, जो रुद्रप्रयाग जिले में है। समुद्रतल से इसकी उंचाई 1311 मीटर है। सर्दी के दिनों में बर्फबारी की वजह से केदारनाथ मंदिर में स्थित भगवान शिव की मूर्ति को उखीमठ में स्थापित किया जाता है। वहीं, गर्मी के दिनों में पुन: केदारनाथ मंदिर में भगवान शिव की प्राण प्रतिष्ठित की जाएगी। यह रुद्रप्रयाग से तकरीबन 14 कोस दूर है। चार धामों के अलावा देवों की भूमि उत्तराखंड में तुंगनाथ और मदमहेश्वर मंदिर भी सर्दी के दिनों में बंद रहता है। चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की तरफ से अधिकारिक घोषणा में कहा गया है कि केदारनाथ मंदिर 17 मई को सुबह 5 बजे भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा।

प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए 16 नवंबर, 2020 को बंद कर दिया गया था। वहीं, बद्रीनाथ मंदिर को पिछले साल 19 नवंबर को बंद कर दिया गया था। बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 18 मई को खुलेंगे। इससे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर खुलेंगे। खबरों की मानें तो 14 मई को दोनों मंदिर खुलेंगे। इसके तीन दिन बाद बद्रीनाथ और चार दिन बाद केदारनाथ के कपाट खुलेंगे। इसके बाद चार धाम यात्रा शुरू होगी

हर साल चार धाम (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) के कपाट अप्रैल और मई में खुलते हैं। सर्दी के दिनों में भीषण बर्फबारी के चलते क्षेत्र के सभी मंदिर 6 महीने के लिए बंद रहते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट अक्षय तृतीया के बाद खोला जाता है। इसमें सबसे पहले केदारनाथ का कपाट खोला जाता है। उसके बाद बद्रीनाथ का कपाट खोला जाता है। इस साल 14 मई को अक्षय तृतीया है और इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर खुलेंगे।

आपको बता दें कि पिछले साल कोरोनावायरस महामारी के चलते चार धाम के कपाट को खोलने में काफी समय लगा था, क्योंकि कोरोनावायरस महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी सार्वजनिक स्थलों सहित धार्मिक स्थलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया था। लंबे अंतराल के बाद चार धाम के कपाट को खोला गया था। इसके लिए गाइडलांइस जारी किया गया था

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