प्याज को लेकर आई अच्छी खबर, इतने रूपए नीचे गिरे दाम…

केंद्र सरकार के दखल के बाद प्याज के भाव घटे हैं। इंदौर में मंगलवार को प्याज के थोक भाव में 5-8 रुपये की गिरावट आई। खुदरा सब्जी मंडी में यह गिरावट 10 रुपये प्रति किलो तक देखी गई। बावजूद इसके कि नवरात्र खत्म होने के बाद प्याज की मांग बढ़ी है। प्याज के थोक व्यापारियों के मुताबिक शहर में उम्दा क्वालिटी के प्याज का थोक भाव घटकर 42-43 रुपये प्रति किलो रह गए। एवरेज क्वालिटी का प्याज 32-38 रुपये प्रति किलो बिका। कुछ कमजोर क्वालिटी के प्याज के भाव तो 15-17 रुपये प्रति किलो तक आ गए। स्थानीय मंडी में 40-50 हजार कट्टे प्याज की आवक हुई।

गौर करने वाली बात है कि पिछले हफ्ते प्याज थोक में 60 रुपये किलो तक पहुंच गया था और खुदरा बाजार में यह 70-80 रुपये किलो तक बिका। फिलहाल सबसे अच्छी क्वालिटी का प्याज उपभोक्ताओं को 55-60 रुपये, औसत किस्म का प्याज 40-50 रुपये और कमजोर क्वालिटी का प्याज 20-25 रुपये प्रति किलो मिल रहा है।

एक्शन में सरकार

सरकार ने प्याज की आसमान छूती कीमतों पर लगाम कसने के लिए इसके भंडारण की अधिकतम सीमा तय कर दी है। इसके अलावा निर्यात पर रोक लगाई गई और आयात बढ़ाने के उपाय भी किए गए हैं। अब खुदरा व्यापारी स्टॉक में दो टन से ज्यादा प्याज नहीं रख सकते। थोक कारोबारियों के लिए यह सीमा 25 टन तय की गई है।

दुनियाभर में भारतीय प्याज की तगड़ी मांग

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्याज उत्पादक देश है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय प्याज की तगड़ी मांग रहती है। कारण यह है कि यह तीखेपन के लिए मशहूर है और सालभर उपलब्ध रहता है। भारत में प्याज के दो फसल चक्र होते हैं- नवंबर से जनवरी और जनवरी से मई। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के मुताबिक महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और तेलंगाना में कई किस्मों के प्याज की पैदावार होती है। महाराष्ट्र इस मामले में अव्वल है। एपीडा के मुताबिक वर्ष 2019-20 में भारत ने 2,320.70 करोड़ रुपये मूल्य के 11,49,897 टन प्याज का निर्यात किया था।

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