गोलगप्पा खाने के बाद सोने गया था युवक, सुबह बिस्तर पर मिले ऐसे हालत में देख घर वालो की निकली चीख

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गोलगप्पे जिसे कुछ लोग पानी पताशे भी कहते हैं, हर किसी की प्रिय डिश होती हैं. अमीर हो या गरीब हर किसी को गोलगप्पे बड़े पसंद होते हैं. जब भी हम बाज़ार से जा रहे होते हैं और यदि रास्ते में गोलगप्पे का ठेला दिख जाए तो हर किसी के मुंह में पानी आ जाता हैं और उसका मन गोलगप्पा खाने का हो जाता हैं. लेकिन दिल्ली के रहने वाले एक युवक को गोलगप्पा खाना इतना महंगा पड़ गया कि इसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. आइए विस्तार से जाने क्या हैं पूरा मामला…

गोलगप्पे जिसे कुछ लोग पानी पताशे भी कहते हैं, हर किसी की प्रिय डिश होती हैं. अमीर हो या गरीब हर किसी को गोलगप्पे बड़े पसंद होते हैं. जब भी हम बाज़ार से जा रहे होते हैं और यदि रास्ते में गोलगप्पे का ठेला दिख जाए तो हर किसी के मुंह में पानी आ जाता हैं और उसका मन गोलगप्पा खाने का हो जाता हैं. लेकिन दिल्ली के रहने वाले एक युवक को गोलगप्पा खाना इतना महंगा पड़ गया कि इसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. आइए विस्तार से जाने क्या हैं पूरा मामला…  कांसेप्ट इमेज जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके का हैं. इस इलाके में रहने वाला युवक राजबीर राठौड़ हाल ही में गोलगप्पे खाने गया था. ये गोलगप्पे का ठेले इसी इलाके में था. जब बीते शनिवार 31 वर्षीय राजबीर गोलगप्पे खा रहा था तो उसका विवाद मोहल्ले में रहने वाले इम्तियाज़ से हो गया था. इन दोनों में कहासुनी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी. जल्द ही ये विवाद मारपीट पर उतर आया. इम्तियाज़ ने अपने कुछ दोस्तों को फोन कर बुलाया और राजबीर की खूब पिटाई कर दी. ऐसा बताया जा रहा हैं कि झगड़े के वक़्त इम्तियाज़ और राजबीर दोनों ही शराब के नशे में थे. जब इम्तियाज़ और उसके दोस्त राजबीर को मार रहे थे तो आसपास के लोगो ने बीच में आकर बचाव किया था और दोनों पक्षों को समझाते हुए समझौता भी करवाया था. समझौते के बाद राजबीर घायल अवस्था में ही घर चला गया. यही वजह थी कि इसकी सुचना उस दौरान पुलिस को भी नहीं दी गई थी.  मृत राजबीर राठोड़ मार खाकर आने के बाद राजबीर बिस्तर पर जाकर सौ गया. अगले दिन रविवार सुबह 9 बजे जब उसके परिजन उसे उठाने के लिए गए तो वो अचेत हालत में पड़ा हुआ था. उसकी मृत्यु हो चुकी थी.ऐसी हालत में उसे देख सबकी चीख निकल पड़ी .घर वाले उसे नजदीक के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले गए जहाँ डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. राजबीर के भाई का कहना हैं कि उसके भैया की मौत इम्तियाज़ और उसके दोस्तों के द्वारा की गई पिटाई के कारण ही हुई हैं. उनके अनुसार पिटाई के बाद राजबीर को बहुत अधिक चोटें आई थी जिसकी वजह से उसकी अगले दिन मौत हो गई. भाई ने ये भी बताया कि उस रात जब राजबीर घर लौटा था तो 11 – 12 बज चुके थे इसलिए उन्होंने सोचा कि इन्हें अस्पताल इलाज के लिए कल सुबह ले जाएंगे. हालाँकि सुबह तक बहुत देर हो चुकी थी और राजबीर दुनियां को छोड़ जा चूका था.  उधर पुलिस का कहाँ हैं कि इस विषय पर अभी कुछ भी कहना सही नहीं होगा. फिलहाल बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया हैं. इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी. हालाँकि पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया हैं कि राजबीर की मौत की वजह बनने वाले आरोपियों पर उचित करवाई की जाएगी.  राजबीर और उसकी पत्नी बताते चले कि राजबीर के परिवार में उसके माता पिता, पत्नी, तीन बच्चे, एक भाई और अन्य सदस्य थे. इस घटना के बारे में राजबीर के भाई ने मीडिया से बात भी करी हैं जिसके बारे में आप इस विडियो में देख सकते हैं.

गोलगप्पे जिसे कुछ लोग पानी पताशे भी कहते हैं, हर किसी की प्रिय डिश होती हैं. अमीर हो या गरीब हर किसी को गोलगप्पे बड़े पसंद होते हैं. जब भी हम बाज़ार से जा रहे होते हैं और यदि रास्ते में गोलगप्पे का ठेला दिख जाए तो हर किसी के मुंह में पानी आ जाता हैं और उसका मन गोलगप्पा खाने का हो जाता हैं. लेकिन दिल्ली के रहने वाले एक युवक को गोलगप्पा खाना इतना महंगा पड़ गया कि इसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. आइए विस्तार से जाने क्या हैं पूरा मामला…

कांसेप्ट इमेज
जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके का हैं. इस इलाके में रहने वाला युवक राजबीर राठौड़ हाल ही में गोलगप्पे खाने गया था. ये गोलगप्पे का ठेले इसी इलाके में था. जब बीते शनिवार 31 वर्षीय राजबीर गोलगप्पे खा रहा था तो उसका विवाद मोहल्ले में रहने वाले इम्तियाज़ से हो गया था. इन दोनों में कहासुनी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी. जल्द ही ये विवाद मारपीट पर उतर आया. इम्तियाज़ ने अपने कुछ दोस्तों को फोन कर बुलाया और राजबीर की खूब पिटाई कर दी. ऐसा बताया जा रहा हैं कि झगड़े के वक़्त इम्तियाज़ और राजबीर दोनों ही शराब के नशे में थे. जब इम्तियाज़ और उसके दोस्त राजबीर को मार रहे थे तो आसपास के लोगो ने बीच में आकर बचाव किया था और दोनों पक्षों को समझाते हुए समझौता भी करवाया था. समझौते के बाद राजबीर घायल अवस्था में ही घर चला गया. यही वजह थी कि इसकी सुचना उस दौरान पुलिस को भी नहीं दी गई थी.

मृत राजबीर राठोड़
मार खाकर आने के बाद राजबीर बिस्तर पर जाकर सौ गया. अगले दिन रविवार सुबह 9 बजे जब उसके परिजन उसे उठाने के लिए गए तो वो अचेत हालत में पड़ा हुआ था. उसकी मृत्यु हो चुकी थी.ऐसी हालत में उसे देख सबकी चीख निकल पड़ी .घर वाले उसे नजदीक के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले गए जहाँ डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. राजबीर के भाई का कहना हैं कि उसके भैया की मौत इम्तियाज़ और उसके दोस्तों के द्वारा की गई पिटाई के कारण ही हुई हैं. उनके अनुसार पिटाई के बाद राजबीर को बहुत अधिक चोटें आई थी जिसकी वजह से उसकी अगले दिन मौत हो गई. भाई ने ये भी बताया कि उस रात जब राजबीर घर लौटा था तो 11 – 12 बज चुके थे इसलिए उन्होंने सोचा कि इन्हें अस्पताल इलाज के लिए कल सुबह ले जाएंगे. हालाँकि सुबह तक बहुत देर हो चुकी थी और राजबीर दुनियां को छोड़ जा चूका था.

उधर पुलिस का कहाँ हैं कि इस विषय पर अभी कुछ भी कहना सही नहीं होगा. फिलहाल बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया हैं. इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी. हालाँकि पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया हैं कि राजबीर की मौत की वजह बनने वाले आरोपियों पर उचित करवाई की जाएगी.

राजबीर और उसकी पत्नी
बताते चले कि राजबीर के परिवार में उसके माता पिता, पत्नी, तीन बच्चे, एक भाई और अन्य सदस्य थे. इस घटना के बारे में राजबीर के भाई ने मीडिया से बात भी करी हैं जिसके बारे में आप इस विडियो में देख सकते हैं.

कांसेप्ट इमेज
जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके का हैं. इस इलाके में रहने वाला युवक राजबीर राठौड़ हाल ही में गोलगप्पे खाने गया था. ये गोलगप्पे का ठेले इसी इलाके में था. जब बीते शनिवार 31 वर्षीय राजबीर गोलगप्पे खा रहा था तो उसका विवाद मोहल्ले में रहने वाले इम्तियाज़ से हो गया था. इन दोनों में कहासुनी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी. जल्द ही ये विवाद मारपीट पर उतर आया. इम्तियाज़ ने अपने कुछ दोस्तों को फोन कर बुलाया और राजबीर की खूब पिटाई कर दी. ऐसा बताया जा रहा हैं कि झगड़े के वक़्त इम्तियाज़ और राजबीर दोनों ही शराब के नशे में थे. जब इम्तियाज़ और उसके दोस्त राजबीर को मार रहे थे तो आसपास के लोगो ने बीच में आकर बचाव किया था और दोनों पक्षों को समझाते हुए समझौता भी करवाया था. समझौते के बाद राजबीर घायल अवस्था में ही घर चला गया. यही वजह थी कि इसकी सुचना उस दौरान पुलिस को भी नहीं दी गई थी.

मृत राजबीर राठोड़
मार खाकर आने के बाद राजबीर बिस्तर पर जाकर सौ गया. अगले दिन रविवार सुबह 9 बजे जब उसके परिजन उसे उठाने के लिए गए तो वो अचेत हालत में पड़ा हुआ था. उसकी मृत्यु हो चुकी थी.ऐसी हालत में उसे देख सबकी चीख निकल पड़ी .घर वाले उसे नजदीक के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले गए जहाँ डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. राजबीर के भाई का कहना हैं कि उसके भैया की मौत इम्तियाज़ और उसके दोस्तों के द्वारा की गई पिटाई के कारण ही हुई हैं. उनके अनुसार पिटाई के बाद राजबीर को बहुत अधिक चोटें आई थी जिसकी वजह से उसकी अगले दिन मौत हो गई. भाई ने ये भी बताया कि उस रात जब राजबीर घर लौटा था तो 11 – 12 बज चुके थे इसलिए उन्होंने सोचा कि इन्हें अस्पताल इलाज के लिए कल सुबह ले जाएंगे. हालाँकि सुबह तक बहुत देर हो चुकी थी और राजबीर दुनियां को छोड़ जा चूका था.

उधर पुलिस का कहाँ हैं कि इस विषय पर अभी कुछ भी कहना सही नहीं होगा. फिलहाल बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया हैं. इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी. हालाँकि पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया हैं कि राजबीर की मौत की वजह बनने वाले आरोपियों पर उचित करवाई की जाएगी.

राजबीर और उसकी पत्नी
बताते चले कि राजबीर के परिवार में उसके माता पिता, पत्नी, तीन बच्चे, एक भाई और अन्य सदस्य थे. इस घटना के बारे में राजबीर के भाई ने मीडिया से बात भी करी हैं जिसके बारे में आप इस विडियो में देख सकते हैं.

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