Home > राष्ट्रीय > भारतीय सेना के लिए सिरदर्द बनी आतंकियों की AK-47

भारतीय सेना के लिए सिरदर्द बनी आतंकियों की AK-47

कश्मीर में तैनात जवानों के खिलाफ फिदायीन हमले के लिए पाकिस्तान की आईएसआई जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को चीन में बने स्टील बुलेट मुहैया करा रही है. खुफिया सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियोंने अपने हर हमले में स्टील बुलेट का इस्तेमाल किया है. इन बुलेट की सबसे खास बात यह होती है कि ये जवानों के बुलेट प्रूफ जैकेट को बड़े आराम से भेद सकती हैं. 

जांच एजेंसियों के मुताबिक पुलवामा आत्मघाती हमले से लेकर के त्राल में हुए आतंकी हमलों में भी जैश-ए-मोहम्मद ने इन स्टील बुलेट का इस्तेमाल किया था.

कश्मीर में तैनात सुरक्षा सुरक्षा से जुड़े एक बड़े अधिकारी ने ज़ी न्यूज से कहा कि जैश-ए-मोहम्मद ने पिछले 6 महीनों में हर बड़े हमले में स्टील बुलेट का इस्तेमाल किया है. यह बुलेट एके-47 राइफल से भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं. आतंकी अपनी मैगजीन में 2-3 स्टील बुलेट का कॉन्बिनेशन रखते हैं और जरूरत पड़ने पर वह हमारे जवानों पर हमले करते हैं. कई बार यह बुलेट आर्मड बुलेट को भी भेज सकती है.

पिछले साल 27 दिसंबर को जम्मू कश्मीर के लेथपुरा में हुए आत्मघाती हमले में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने स्टील बुलेट का इस्तेमाल किया था. कश्मीर में पहली बार आतंकियों की साजिश की जानकारी इसी हमले से पता चली थी.

31 मार्च 2019 तक बढ़ी आधार- पैन लिंक करने की समय सीमा

एजेंसी के मुताबिक आतंकियों के स्टील बुलेट यानी आर्मड पायरसिंग बुलेट के ख़तरे को बड़ी गंभीरता से जांच की जा रही है. वीआईपी के सुरक्षा में बुलेट प्रूफ गाड़ियों का इस्तेमाल होता है और ऐसे में आतंकियों की अब इस नई रणनीति को देखते हुए वीआईपी सुरक्षा की दोबारा समीक्षा हो रही है.

कश्मीर में तैनात एक और अधिकारी ने हमें बताया कि पिछले साल दिसंबर में पुलवामा में ही एक जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर नूर मोहम्मद तंत्रे यानी पीर बाबा का एनकाउंटर किया गया था. एजेंसियों को शक है कि कश्मीर में स्टील बुलेट लाने वाला कोई और नहीं बल्कि नूर मोहम्मद तंत्रे है.

नूर मोहम्मद तंत्रे ने स्टील बुलेट की खेप को जैश-ए-मोहम्मद के बाकी आतंकियों तक पहुंचा दिया, जो कश्मीर में मौजूद हैं. इन आतंकियों को यह बताया गया है कि किस तरीके से और कब इन स्टील बुलेट का इस्तेमाल सुरक्षाबलों के खिलाफ करना है. जैश-ए-मोहम्मद अक्सर सुरक्षा एजेंसियों के कैंप में हमले के दौरान भी इन स्टील बुलेट का इस्तेमाल कर रहा है.

खुफिया एजेंसियों को शक है कि चीनी स्टील बुलेट को पाकिस्तान के ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बनाया जा रहा है पूरी दुनिया भर में ऐसी बुलेट बैन है, लेकिन अब आतंकियों तक इन बुलेट की पहुंच हो गई है.

आतंकी इन स्टील बुलेट का इस्तेमाल एके-47 राइफल से भी कर रहे हैं. अभी तक सुरक्षाबलों के पास जो बुलेट जैकेट और शील्ड हैं स्टील बुलेट को झेलने के लिए नाकाफी हैं.

Loading...

Check Also

टीआरएस ने कहा- ‘मोदी फैक्टर’ से नहीं डरतीं दूसरी पार्टियां, भाजपा दिन में देख रही सपने

टीआरएस ने कहा- ‘मोदी फैक्टर’ से नहीं डरतीं दूसरी पार्टियां, भाजपा दिन में देख रही सपने

तेलंगाना की सत्ता बचाने में जुटी टीआरएस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com