आईवीआरआई में पहली बार तोते का इलाज, पंजे का किया गया एक्सरे, डॉक्टर ने चढ़ाया प्लास्टर

बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के रेफरल पॉली क्लीनिक में पहली बार वैज्ञानिकों ने अलेक्जेंडर प्रजाति के तोते का इलाज किया। ओपीडी इंचार्ज ने पंजे का एक्सरे कराया और प्लास्टर चढ़ाकर उसे उसके मालिक को सौंप दिया।

पॉली क्लीनिक इंचार्ज सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरपाल सिंह के मुताबिक सोमवार को राजेंद्र नगर निवासी युवक शिवम घर में पाले गए तोते का इलाज कराने पहुंचा था। क्लीनिक में पशुओं का इलाज होता है। पक्षियों का नहीं यह जानकारी उसे दी गई लेकिन वह नहीं माना।

टूटकर दो हिस्सों में बंट गया था पंजा
युवक किसी तरह तोते का इलाज कराने का जिद करता रहा। उसका अपनापन देखने के बाद पंजे का एक्सरे कराया गया। तो उसमें पंजा टूट कर दो हिस्सों में बंटा हुआ दिखा। फिर तोते को सर्जरी विभाग में ले जाकर प्लास्टर चढ़ाया गया। पशुओं में लोहे की प्लेट लगती है लेकिन यहां लकड़ियों का प्रयोग किया।
पूछताछ के दौरान युवक ने बताया था कि घर के कमरे में पंखे की चपेट में आकर तोते का पंजा टूट गया था। तोते की तकलीफ उससे देखी नहीं गई। वह उसके इलाज के लिए कहां जाए समझ नहीं पाया तो लेकर पॉली क्लीनिक पहुंचा था। उपचार के बाद वह तोते को लेकर घर चला गया।

छांव तलाश रहे पक्षी, पंखे चलाएं तो ध्यान रखें
डॉ. अमरपाल सिंह के मुताबिक पेड़ों की कटान से शहर में पक्षियों का आशियाना छिन गया है। वे भीषण गर्मी में बचाव के लिए छांव खोज रहे हैं। ऐसे में अगर घर की छत के कमरे, बालकनी में पंखा लगा है तो उसका स्विच बंद किए वहां से न जाएं, क्योंकि व्यक्ति के मौजूद रहने तक पक्षी नहीं पहुंचते लेकिन उनके हटने के बाद छांव के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में चलते पंखे के चपेट में आकर जान जोखिम में पड़ सकती है।

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