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इंदौर में दुष्‍कर्म के आरोपी की हत्या होने का डर, स्पेशल सेल के लिए लिखा पत्र  

इंदौर। पांच माह की बच्ची को अगवा कर दुष्कर्म और हत्या करने वाले दरिंदे की जेल में हत्या होने का डर है। पुलिस को आशंका है कि ऐसी हरकत के कारण आरोपित नवीन उर्फ पैरू घड़के को कहीं दूसरे कैदी मार न डालें। इसके लिए पुलिस ने जेलर को पत्र लिखकर स्पेशल सेल की मांग की है। इधर, परिजन का कहना है कि हमें सरकार की सहायता राशि नहीं, बल्कि नवीन की फांसी चाहिए। फांसी नहीं दे सकते तो हमें सौंप दो। हम उसे मार देंगे।इंदौर में दुष्‍कर्म के आरोपी की हत्या होने का डर, स्पेशल सेल के लिए लिखा पत्र  

एसआईटी ने बताया नवीन का रिमांड खत्म होने के बाद सोमवार सुबह उसे कोर्ट में पेश करना था। पिछली पेशी पर उस पर वकीलों व अन्य लोगों ने हमला कर दिया था। इसलिए इस बार पहले ही जज से बात कर ली गई। उसे बाइक से गुपचुप तरीके से कोर्ट में पेश करने की योजना बनाई गई।

सुबह 10 बजे जैसे ही कोर्ट खुली एसआईटी के सदस्य सिपाही जवाहर सिंह, सुरेश सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी नवीन को बाइक पर बैठाकर ताबड़तोड़ चार नंबर गेट से अंदर ले गए। जज ने भी जेल भेजने का ऑर्डर तैयार कर रखा था। कोर्ट में पेश करने के कुछ मिनट बाद ही उसे जेल भेजने के निर्देश दे दिए गए। पुलिस उसे बाइक से ही जेल ले गई।

एक दिन पहले ही जेल में देखे सुरक्षा प्रबंध

एसपी पश्चिम विवेक सिंह ने बताया कि आरोपित ने घिनौना अपराध किया है। जेल में दूसरे कैदी उस पर हमला कर सकते हैं। उसे फांसी की सजा मिले इसीलिए हम पूरी तैयारी कर रहे हैं। वह पूरी तरह फिट होना चाहिए। उसकी सुरक्षा के लिए जेलर को पत्र लिखा जाएगा। वहीं, सूत्रों ने बताया कि पुलिस की एक टीम रविवार को जेल पहुंची थी। वहां उन्हाेंने सुरक्षा को लेकर मौका-मुआयना किया। जेलर से मांग की है कि आरोपित को स्पेशल सेल में रखा जाए।

15 दिन में सजा दिलाने की तैयारी

सिंह ने बताया कि हम इस केस को मील का पत्थर बनाने के लिए काफी प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए जल्द चालान पेश कर 15 दिन में सजा दिलाने की तैयारी की जा रही है। कोर्ट से मांग की जाएगी कि आरोपित को फांसी की सजा हो। यह केस अन्य मामलों के लिए मिसाल बने बस यही हमारी इच्छा है। साक्षी बयान से न बदल जाएं इसलिए लगातार उनसे संपर्क किया जा रहा है कि वे बहकावे में न आएं।

फोंरेंसिक लैब में पहले बच्ची के केस की होगी जांच

प्रदेश के सारे केस छोड़ सागर की फोरेंसिक लैब के अधिकारी बच्ची के केस के साक्ष्यों की पड़ताल में जुट गए हैं। पुलिस अफसरों ने लैब अधिकारियों से चर्चा कर रिपोर्ट जल्द देने की मांग की है। इधर, सोमवार सुबह 11 बजे एक पुलिसकर्मी केस से जुड़े सबूतों व डीएनए सेंपल लेकर सागर रवाना हुआ।

11 बिंदुअों पर तैयार होगी चालान डायरी

एसआईटी ने 11 बिंदुओं पर जांच डायरी लगभग तैयार कर ली है। इसके लिए टीम ने काम का बंटवारा भी किया है। सिर्फ मेडिकल रिपोर्ट आना बाकी है।

– कबूलनामा : जेल भेजने से पहले रविवार रात सराफा थाने में आरोपित नवीन के बयान की वीडियो रिकार्डिंग की गई। सीडी बनाकर उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

– सीसीटीवी कैमरों में कैद आरोपी के फुटेज- अपहरण करते समय

– हत्या की मूल वजह : घटना से एक दिन पहले बच्ची के माता-पिता से नवीन का हुआ था विवाद

– 16 साक्षियों के बयान : आरोपित नवीन की पत्नी रेखा, मृतक बच्ची के माता-पिता, नानी, मामा, घटनास्थल पर सबसे पहले देखने वाले कर्मचारी सुनील शर्मा, दुकान मालिक दीपक जैन, जिन आठ सीसीटीवी कैमरों के पुलिस ने फुटेज जुटाए उनके मालिक, पुलिस कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देने वाले अधिकारी के बयान

– बच्ची के शव की पीएम रिपोर्ट

– बच्ची और आरोपी के खून सने कपड़े

– बच्ची व आरोपित की डीएनए रिपोर्ट

– हत्या में उपयोग की गई आरोपित की साइकिल

– साइकिल के हैंडल को सागर लैब भेजा गया है। उस पर बच्ची का ब्लड मिला है। उसकी रिपोर्ट

– आरोपित की चप्पल। जिसके तले के निशान घटनास्थल पर मिले थे।

– आरोपित का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड

बस्तियों में केस स्टडी और एनिमेशन फिल्म दिखाकर करेंगे जागरूक

एसपी पश्चिम ने बताया कि इस केस की पड़ताल से समझ आया कि बस्तियों में रहने वाले लोग अशिक्षित होते हैं। वहां रहने वाले अमूमन लोग नशा भी करते हैं। वे अपराध तो कर देते हैं लेकिन उन्हें अंजाम का पता नहीं होता है। उनकी मानसिकता बदलने के लिए हमने प्लान तैयार किया है जिसे जल्द अभियान में बदलेंगे। बस्तियों में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। उन्हें एनिमेशन फिल्म व शिवानी हत्याकांड जैसे पुराने अपराध की केस स्टडी दिखाई जाएगी।

फर्जी राशनकार्ड आया सामने

प्रशासन ने सहायता राशि देने के लिए बच्ची के माता-पिता से उनका पहचान पत्र मांगा। परिजन ने राशनकार्ड दिया तो पता चला कि वह फर्जी है। सोमवार दोपहर पुलिसक बच्ची की मां व नानी को लेकर कलेक्टोरेट पहुंची। वहां आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया की गई। पुलिस अफसरों ने बताया कि फुटपाथ पर रहने वाले लोगों के पहचान पत्र बनवाने के लिए नगर निगम से संपर्क किया है। उन्हें रैन बसेरा में भी शिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए महिला केयर टेकर की व्यवस्था भी की जाएगी।

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