UP के हर जिले में बनेगी एनकाउंटर टीम, बड़े और नामी अपराधियों को पकड़ने की होगी जिम्मेदारी

  • लखनऊ.अब प्रदेश भर में अगर अपराधियों के एनकाउंटर की खबर आए तो चौंकने वाली बात नहीं होगी। योगी सरकार ने भयमुक्त और अपराध मुक्त प्रदेश की सौगात प्रदेशवासियों को देने के लिए पुलिस अधिकारियों को एनकाउंटर की खुली छूट दे दी है। इसकी बानगी राजधानी लखनऊ समेत पश्चिम के जिलों में भी देखने को मिली, जहां ताबड़तोड़ कई इनामिया बदमाशों को एनकाउंटर कर आतंक का अंत किया। इसके बाद अब प्रदेश के पुलिस मुखिया सुलखान सिंह ने सभी जिलों के कप्तानों को निर्देशित किया है कि वो अपने-अपने जिलों में अलग से एनकाउंटर टीम बनाकर अपराधियों की धरपकड़ करें। 
    UP के हर जिले में बनेगी एनकाउंटर टीम, बड़े और नामी अपराधियों को पकड़ने की होगी जिम्मेदारी

    एनकाउंटर की छूट से बढ़ा पुलिस का मनोबल…

    -एक्स डीजीपी केएल गुप्ता ने कहा, सरकार का यह सराहनीय फैसला है कि अब एनकाउंटर करने वाले पुलिस कर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिलेगा। वहीं, एनकाउंटर में शामिल और सराहनीय पुलिस कर्मियों को मिलने वाला इनाम भी बड़ा दिया गया है।
    -एक्स डीजीपी ने एक सवाल उठाया कि अगर सही अपराधियों पर यूपी पुलिस कर्मियों ने टारगेट किया तब तो यूपी में अपराधियों में खौफ कायम होगा।

    एनकाउंटर टीम की मॉनिटरिंग करेंगे एसएसपी

    -इसी सिलसिले में डीजीपी सुलखान सिंह ने सभी जिलों के कप्तानों को तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी क‍िया है क‍ि कप्तान एनकाउंटर के लिए अपने चुनिंदा अफसरों की एक टीम बनाएं और वो टीम अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगाएं।
    -इसके अलावा लोगों के बीच पुलिस की छवि को सुधारने के लिए भी एक अलग से टीम बनाई जाए, ताकि जनता का विश्वाश पुलिस पर बना रहे।
    -दरअसल, सबसे पहले इसकी शुरुआत राजधानी लखनऊ में की गई, जहां एसएसपी दीपक कुमार की अगुवाई में चार विशेष टीमें बनाई गई हैं।
    -इसके बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब अपराधियों के बीच पुलिस का खौफ पहले जैसा होगा।
    -इससे अपराध में कमी आएगी और आम जनता सुरक्षित महसूस करेगी। एनकाउंटर टीम की मॉनिटरिंग जिले के पुलिस कप्तान करेंगे।

    2007 में बंद हो गया था एनकाउंटर

    -साल 2007 में एनकाउंटर पर रोक लगा दी गई थी। दरअसल कई ऐसी घटनाएं सामने आई थी, जहां पुलिस पर संगीन आरोप लगे थे।
    -कई एनकाउंटर के फर्जी मामले में भी निकले थे, जिसके बाद तत्कालीन सरकार ने एनकाउंटर पर रोक लगा दी थी।
    -इसके बाद अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए और पूरे प्रदेश में अपराधियों का आतंक कायम हो गया।

    शातिर बदमाशों की लिस्ट बनाकर किया जाएगा एनकाउंटर

    -राजधानी से लेकर जिलों तक में सक्रिय शातिर बदमाशों की लिस्ट तैयार की जा रही है, ताकि उनकी धरपकड़ की जा सके।
    -आशंका भी जताई जा रही है कि ऐसे बदमाशों को पकड़ने में पुलिस को एनकाउंटर करना पड़ सकता है।

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    अब तक 16 बदमाशों का हो चुका है एनकाउंटर

    -बीते 5 महीने के अंदर पुलिस ने प्रदेश भर में 16 बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया है, जबकि दर्जनभर से अधिक बदमाशों को दबोच कर सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
    -राजधानी लखनऊ, शामली, आजमगढ़, मऊ और चित्रकूट में पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ हो चुकी है।
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