रिम्स में दो सिर वाले बच्चे को जन्म देने के बाद माँ-बाप छोड़कर फरार

रांची: रिम्स में दो सिर जैसी बीमारी से ग्रसित बच्चा होने के बाद माँ-बाप उसे छोड़ कर फरार हो गए। गलती बच्चे की सिर्फ इतनी है कि वह आम बच्चों की तरह नहीं जन्मा। बच्चे को जन्म देने और मुंह फेर लेने वाले माता-पिता को शायद पहले से इस परेशानी का अंदाजा था, इसलिए उन्होंने अपने घर का पता भी सही नहीं दिया था। उन्होंने पहले से ही तय कर लिया था कि जन्म देने के उपरांत ही छोड़कर भाग जाएंगे। और बच्चे के जन्म लेते ही माँ बाप उसे छोड़कर भाग गए। बच्चे को नियोनेटल ICU में भर्ती करने के उपरांत घरवाले चुपचाप चले गए। लेकिन यहां डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने की जिम्मेवारी अपने सर ले ली।

बच्चे के अकेले होने की जानकारी रिम्स प्रबंधन ने CWC को दी। CWC से पता चलने के उपरांत करुणा संस्था के लोग बच्चे के साथ खड़े हो गए। डॉक्टरों ने बच्चे की जान बचाने के लिए अपनी तरफ से हर एक कोशिश की,  करुणा संस्थान से जुड़े और PSM मंत्रालय के चिकित्सक डॉ देवेश ने खुद से आगे आकर बच्चे के लिए रक्तदान भी कर दिया। वरीय न्यूरो सर्जन डॉ CB सहाय ने अपनी टीम के साथ बच्चे का तीन घंटे का ऑपरेशन सफलतापूर्वक  किया। संस्था के सदस्यों ने बताया कि बच्चे के माता-पिता को खोजने की कोशिश में लगे हुए है, लेकिन अब तक उनके ठिकाने का कुछ पता नहीं चल पाया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक  बच्चे को जन्म देने वाले माता-पिता बोकारो के रहने वाले हैं।

मस्तिष्क सही से विकसित नहीं होने से होती है परेशानी: रिम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ सीबी सहाय ने बताया है कि बच्चे को जन्मजात बीमारी है। इस बीमारी में सिर के पीछे के भाग (मस्तिष्क) का हिस्सा और CSF बाहर निकल कर एक थैली की तरह बना हुआ होता है, जो ठीक सिर की भांति ही दिखता है। चिकित्सा की भाषा में इसे ओसिपिटल मेनिनजो इंसेफालोसिल भी बोलते है। जहां इस बारें में उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की टीम ने मिलकर 2 घंटे तक ऑपरेशन किया है। अगले 3 दिन तक उस नवजात बच्चे को चिकित्सकों की गहन निगरानी में ही रखा जाने वाला है।

करुणा संस्था के लोग बच्चे को छुट्टी कराकर ले गए थे अपने साथ: जहां इस बात का पता चला है कि बच्चे को नियोनेटल से न्यूरो सर्जरी विभाग भेजा गया था। डॉक्टरों ने शुरुआत में कुछ दिन रुककर सर्जरी की बात बोली। इस बीच बच्चे को संस्था के लोगों ने छुट्टी कराकर करुणा NMO आश्रम ले गए थे। जब बच्चा पंद्रह दिनों का हुआ तो फिर ऑपरेशन के लिए रिम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग लेकर आए। बच्चे को हॉस्पिटल से छुट्टी मिल जाने के उपरांत फिर से करुणा आश्रम ले जाया जाएगा।

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