दिल्ली में नई टैक्सी का रंग बताएगा इकोनॉमी है या लग्जरी
नई दिल्ली. काली-पीली, मोबाइल एेप और कॉल आधारित टैक्सियों की दिक्कतों को देखते हुए राजधानी दिल्ली में जल्द ही नई टैक्सी नजर आएंगी। यूजर्स की परेशानियों को देखते हुए दिल्ली सरकार सिटी टैक्सी स्कीम लॉन्च करने जा रही है। यह स्कीम अपने अंतिम दौर में है। इस एक स्कीम में तीन श्रेणी की एक लाख तक टैक्सियां रजिस्टर होंगी। ये टैक्सियां तीन अलग-अलग रंगों में होंगी। टैक्सी के रंग से पता चल जाएगा कि टैक्सी इकोनॉमी है या लग्जरी। वहीं टैक्सी खाली है तो हरी बत्ती जलेगी और सवारी है तो लालबत्ती टैक्सी पर जलती मिलेगी। दैनिक भास्कर ने दिल्ली में टैक्सी सर्विस की दिक्कतें व नई टैक्सी स्कीम में क्या सुधार हो, इसे लेकर एक्सपर्ट, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और यूजर्स से बातचीत की।

सरकार ने ड्राफ्ट में इन बातों का रखा है ध्यान…
डिजिटल मीटर… दिल्ली की सभी टैक्सी को जीपीएस से जोड़कर डिजिटल मीटर की अनिवार्यता के अलावा एसएमएस व ईमेल से सूचना का प्रावधान किया है।
सुरक्षा का ध्यान… सुरक्षा के लिए जीपीएस व दो परिचित को लोकेशन भेजने की सुविधा। पैनिक बटन, चौबीस घंटे का कॉल सेंटर, चालक की फोटो सहित एप में सूचना। सेंट्रल लॉकिंग की छूट नहीं होगी।
लाइसेंस रद्द…टैक्सी चालक ने अगर शराब पीकर गाड़ी चलाई या किसी को गंतव्य तक ले जाने से मना किया तो उसका लाइसेंस तक रद्द हो जाएगा।
नियंत्रित किराया… मोबाइल एप वाली टैक्सी सरकार की तरफ से तय अधिकतम किराए से ज्यादा नहीं वसूल सकेगा। कुल भुगतान को दूरी से भाग देने पर प्रति किमी अधिकतम किराए से ज्यादा नहीं वसूल सकेंगे।
सुरक्षा का ध्यान… सुरक्षा के लिए जीपीएस व दो परिचित को लोकेशन भेजने की सुविधा। पैनिक बटन, चौबीस घंटे का कॉल सेंटर, चालक की फोटो सहित एप में सूचना। सेंट्रल लॉकिंग की छूट नहीं होगी।
लाइसेंस रद्द…टैक्सी चालक ने अगर शराब पीकर गाड़ी चलाई या किसी को गंतव्य तक ले जाने से मना किया तो उसका लाइसेंस तक रद्द हो जाएगा।
नियंत्रित किराया… मोबाइल एप वाली टैक्सी सरकार की तरफ से तय अधिकतम किराए से ज्यादा नहीं वसूल सकेगा। कुल भुगतान को दूरी से भाग देने पर प्रति किमी अधिकतम किराए से ज्यादा नहीं वसूल सकेंगे।
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यह है जनता की समस्या
– काली-पीली टैक्सी मीटर से चलने को तैयार नहीं, बुकिंग नेटवर्क भी नहीं।
– मोबाइल एप वाली टैक्सी आसानी से मिलती है तो उसमें सर्ज प्राइजिंग व छिपे शुल्क की दिक्कत।
– सुरक्षा को लेकर ट्रैकिंग और सत्यापित चालक नहीं होने से हर समय खतरा बना रहता है।
– शराब पीकर गाड़ी चलाने, दुर्व्यवहार करने की दशा में शिकायत में परेशानी
– शेयर कैब में सुरक्षा की दिक्कत।
– मोबाइल एप वाली टैक्सी आसानी से मिलती है तो उसमें सर्ज प्राइजिंग व छिपे शुल्क की दिक्कत।
– सुरक्षा को लेकर ट्रैकिंग और सत्यापित चालक नहीं होने से हर समय खतरा बना रहता है।
– शराब पीकर गाड़ी चलाने, दुर्व्यवहार करने की दशा में शिकायत में परेशानी
– शेयर कैब में सुरक्षा की दिक्कत।
इसलिए अलग नई सिटी टैक्सी स्कीम
नई सिटी टैक्सी स्कीम में सभी टैक्सी एसी होंगी। तीन तरह की टैक्सी, तीन अलग-अलग रंग में रजिस्टर होंगी। 4 मीटर से ऊपर की कार लग्जरी श्रेणी में आएगी। टाइम और दूरी के हिसाब से दिल्ली-एनसीआर को जोड़ने वाली टैक्सी का किराया बाजार के हिसाब तय होगा। काली-पीली व रेडियो टैक्सी लाइफ पूरी करेगी लेकिन इसमें नई गाड़ी को परमिट नहीं मिलेगा। हालांकि टैक्सी के रंग और किराए का अंतिम फैसला ड्राफ्ट स्कीम को उपराज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद राज्य परिवहन प्राधिकरण करेगा।
ताकि कार से चलने वालों का स्टेटस मेंटेन रहे
सर्ज प्राइजिंग, ट्रैकिंग और सुरक्षा के साथ ध्यान रखना होगा कि प्रतियोगिता बनी रहे। आकर्षक टैक्सी आए जिससे कार छोड़ने वालों का स्टेटस भी मेनटेन रहे।
– बीएस बोरा, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए ज्वाइंट फ्रंट, ईस्ट दिल्ली
– बीएस बोरा, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए ज्वाइंट फ्रंट, ईस्ट दिल्ली
किराया नियंत्रण करके राज्य सरकार सर्ज प्राइजिंग की दिक्कत दूर कर सकती है। एनसीआर में जाने के लिए काली-पीली टैक्सी वाले जो अलग टैक्स लेते हैं, ये नहीं होना चाहिए।





