पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से इन राज्‍यों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की है उम्‍मीद

भीषण गर्मी की मार झेल रहे लोगों के लिए अच्‍छी खबर है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिन राहत भरे रहने वाले हैं। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण कई राज्‍यों में भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्‍मीद है। आज दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा। अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 39 और 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना, चार और पांच मई को हो सकती हल्की बारिश। मौसम विभाग ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश के छह जिलों चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर में भारी बारिश की चेतावनी। आंधी के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है। प्रदेश में सूखे जैसी स्थिति से मिल राहत सकती है। रविवार को शिमला व चंबा में बारिश हुई थी। पंजाब में लू का प्रभाव रहने के बाद दो व तीन मई को मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। प्रदेश के कई जिलों में दो मई व तीन को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। जिससे लो प्रेशर एरिया बनने से पंजाब भर में धूल भरी आंधी चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। इससे तापमान में थोड़ी कमी आएगी।

मई में भी सताएगी गर्मी

मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत में मई महीने में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग के आंकड़े दर्ज करने के 122 साल के इतिहास में अप्रैल सबसे गर्म महीना रहा है। मई के लिए तापमान और बारिश से जुड़े पूर्वानुमान जारी करते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकतर हिस्सों में मई के महीने में रात में भी गर्मी महसूस होगी। उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में इस साल अप्रैल पिछले 122 वर्ष में सबसे अधिक गर्म रहा, जहां औसत अधिकतम तापमान क्रमश: 35.9 डिग्री सेल्सियस और 37.78 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। इससे पहले उत्तर-पश्चिम भारत में अप्रैल 2010 में औसत अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस, जबकि मध्य भारत में अप्रैल 1973 के दौरान औसत अधिकतम तापमान 37.75 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अप्रैल के दौरान देशभर में औसत तापमान 35.05 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो 1900 के बाद से चौथी बार सबसे अधिक रहा है। बता दें कि 1900 से ही मौसम कार्यालय ने मौसम का डाटा रखना शुरू किया था।

मई में औसत बारिश सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद

महापात्रा ने कहा कि मई माह में औसत बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। राजधानी दिल्ली में लू के थपेड़ों के साथ त्वचा को झुलसा देने वाली गर्मी से अभी दो दिन राहत मिलने की संभावना नहीं है। शनिवार को राजधानी के राष्ट्रमंडल स्पो‌र्ट्स कांप्लेक्स में अधिकतम तापमान 47.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में सबसे अधिक तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देर सायं कांगड़ा सहित कुछ इलाकों में बेशक हल्की बारिश हुई, इससे अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। रविवार को छह जिलों चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और किन्नौर में आंधी चलने और आसमानी बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। कई दिनों से भीषण गर्मी झेल रहे जम्मू के लोगों को अगले सप्ताह भी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। अभी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बना रहेगा। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि से पहाड़ों में गर्मी से राहत मिली। हालांकि, मैदानों में लू चलने के कारण भीषण गर्मी बरकरार है।

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बिहार में आंधी-बारिश से आठ की मौत

बिहार के विभिन्न इलाकों में शुक्रवार रात और शनिवार की सुबह आंधी-बारिश के कारण आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। मरने वालों में जमुई, सहरसा, कटिहार व समस्तीपुर के एक-एक तथा खगडि़या व अररिया के दो-दो व्यक्ति शामिल हैं। इसी दौरान भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में सुल्तानगंज-अगुवानी घाट के बीच गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल का सुपर स्ट्रक्चर भी ढह गया।

पंजाब में गर्मी से राहत, तीन दिन आंधी चलने और बूंदाबांदी के आसार

भीषण गर्मी की मार झेल रहे पंजाब के लोगों को सोमवार से राहत मिलने की उम्मीद है। चंडीगढ़ स्थित मौसम विभाग केंद्र के अनुसार फिरोजपुर, फाजिल्का, बठिंडा, मोगा, मुक्तसर और फरीदकोट को छोड़कर पंजाब के शेष जिलों में सोमवार से बुधवार तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी के साथ बूंदाबांदी का अनुमान है, जिससे तापमान में कमी आएगी। इसके बाद पांच मई से मौसम साफ हो जाएगा। हालांकि मौसम विभाग अप्रैल महीने में भी ऐसे अनुमान व्यक्त करता रहा है लेकिन यह अनुमान गलत साबित हुए थे। अब देखना होगा कि विभाग का पूर्वानुमान इस बार सही साबित होता है या नहीं। वहीं दूसरी तरफ रविवार को प्रदेश के कुछ जिलों में तेज हवाएं चलने से कुछ राहत मिली लेकिन कुछ जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा।

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भारत में भीषण गर्मी के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार बताना जल्दबाजी

भारत के साथ ही पाकिस्तान के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच संयुक्त राष्ट्र की मौसम संबंधी विशेष एजेंसी ने कहा है कि दोनों देशों में अधिक गर्मी के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने कहा कि भीषण गर्मी का दौर बदलते मौसम के अनुरूप है, जिसमें लू चलनी पहले ही शुरू हो जाती है। एजेंसी ने कहा कि भारत पाकिस्तान में भीषण गर्मी से लाखों लोग परेशान हैं। दोनों देशों में राष्ट्रीय मौसम विज्ञान, जल विज्ञान विभाग, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन एजेंसियां साथ मिलकर काम कर रही हैं, ताकि गर्मी से निपटने की योजना तैयार की जा सके।

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