MP: एमबीबीएस के बाद नेक्स्ट की बाध्यता के विरोध में डॉक्टरों का सत्याग्रह
भोपाल.एमबीबीएस के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) करने के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी एक्जिक्ट टेस्ट ‘नेक्स्ट एग्जाम की बाध्यता के विरोध में गांधी जयंती पर डॉक्टरों ने जीएमसी में सत्याग्रह किया।

– इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की स्टूडेंट विंग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनुराग गुप्ता ने बताया कि एमबीबीएस के बाद जूनियर डॉक्टर एमसीआई से पंजीकृत होने पर अध्ययन शुरू करते हैं।
– शासन ने एमबीबीएस उत्तीर्ण विद्यार्थियों को पंजीयन के लिए नेक्स्ट परीक्षा देने का आदेश जारी किया है, जिसका हम विरोध करते हैं।
– आईएमए स्टेट सेक्रेटरी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि कड़ी मेहनत के बाद एमबीबीएस की डिग्री हासिल होती है।
– यदि कोई छात्र नेक्स्ट परीक्षा में शामिल नहीं होता है तो वह मेडिकल स्नातक नही कहलाएगा। यह कैसा फरमान है कि मेडिकल स्नातक होने के बाद भी छात्र 12 वीं उत्तीर्ण ही कहलाएगा।
– उन्होंने कहा कि 19 विषयों की परीक्षा देने के बाद फिर से परीक्षा देना हतोत्साहित करने वाला फरमान है।
– गौरतलब है कि चीन, रूस और विदेश की अन्य यूनिवर्सिटी से डिग्री लेकर आने वालों को नेक्स्ट से अलग रखा गया है। वे एमसीआई का स्क्रीनिंग टेस्ट देकर रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।
जानिए क्या नेक्स्ट
– नेक्स्ट मेडिकल कॉलेज के अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए बनाया गया है। यह एक अलग तरह का टेस्ट है, जिसमें मेडिकल छात्रों से प्रैक्टिस की जानकारी ली जाएगी।





