पीरियड्स के दौरान भूलकर भी ना करें ये 7 गलतियां, नहीं तो..

पीरियड्स यानी माहवारी के समय कई महिलाओं को सिरदर्द, बदन दर्द, ब्‍लीडिंग और अनिद्रा जैसी तकलीफें होती हैं. इसके कारण उनका डेली रूटीन डिस्‍टर्ब हो जाता है. डॉक्टर्स कहते हैं कि महिलाओं के साथ अक्सर ऐसी दिक्कतें पैड, खान-पान और पेनकिलर की वजह से भी हो सकती हैं. जाने-अनजाने इस तरह की गलतियां आपको भारी पड़ सकती हैं. आइए आपको बताते हैं कि महिलाओं को पीरियड्स में कौन सी गलतियां करने बचना चाहिए.

पेनकिलर– माहवारी के दर्द से राहत पाने के लिए महिलाएं अक्सर पेनकिलर का सहारा लेती हैं. ऐसा करना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है. अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, पीरियड्स के दौरान ली जाने वाली पेनकिलर आपकी सेहत के लिए बेहद हानिकारक होती है. इस तरह की दवा का सेवन करने से आपके शरीर से अच्छे बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते हैं. इसकी वजह से महिला को हार्ट अटैक,अल्सर, किडनी, लीवर और आंत से संबंधी दिक्कतें हो सकती है.

खुशबूदार परफ्यूम का इस्‍तेमाल– अक्‍सर लड़कियां पीरियड्स के दौरान रक्त से आने वाली दुर्गंध को खत्म करने के लिए परफ्यूम का इस्‍तेमाल करने लगती है. ऐसा करने से आपको यीस्‍ट इंफेक्‍शन के साथ कई अन्य इंफेक्‍शन का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि परफ्यूम में सिंथेटिक और दूसरे केमिकल मौजूद होते हैं जो आपकी स्किन को नुकसान पहुंचाते हैं.

डाइटिंग करना– पीरियड्स के दौरान पौष्टिक और पर्याप्त मात्रा में भोजन करना बहुत जरूरी होता है. इस समय किसी भी कारण से खाना छोड़ना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. याद रखें इस समय शरीर बेहद कमजोर होता है, ऐसे में खाना छोड़ना भारी पड़ सकता है. कोशिश करें कि आप जो भी आहार लें वो पौष्ट‍िक ही हो.

पैड को लेकर लापरवाही– कई बार आलस तो कई बार विज्ञापनों में पैड को लेकर किए गए कई लुभावने दावों के चक्कर में पड़कर महिलाएं लंबे समय तक  एक ही पैड का इस्‍तेमाल करती है. पीरियड्स के दौरान ये बहुत जरूरी है कि आप हर तीन घंटे पर सैनेटरी नैपकिन बदलती रहें. इससे आप संक्रमण से सुरक्षित रहेंगी. साथ ही दुर्गंध की समस्या भी नहीं होगी.

रेयान कॉटन पैड का इस्‍तेमाल– अक्सर माहवारी के दौरान यूज किए जाने वाले अधिकतर पैड रेयान, कॉटन या दोनों से मिलकर बने होते हैं. लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसमें हानिकारक केमिकल्स और पेस्‍टीसाइड का इस्‍तेमाल किया जाता है. जिसका बुरा असर महिलाओं की फर्टिलिटी पर असर पड़ता है. एफडीए की मानें तो ‘इसमें मौजूद डाइऑक्सिन वजाइना के टिश्यू पर गलत असर डालता है. हमेशा ऑर्गेनिक कॉटन से बने पैड का ही इस्‍तेमाल करना चाहिए.एक्‍सरसाइज से परहेज– पीरियड्स के समय महिलाएं अक्सर सुस्त हो जाती हैं. ऐसे में वो हल्की-फुलकी कसरत करने से भी परहेज करने लगती हैं. लेकिन आपको बता दें, पीरियड्स के दौरान एक्‍सरसाइज जरूर करनी चाहिए. ऐसा करने से आपके शरीर से पसीने के रूप में सारे टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं.

असुरक्षित संबंध– कई महिलाओं को लगता है कि पीरियड्स के दौरान उनके गर्भवती होने की संभावना खत्म हो जाती है. लेकिन ऐसा नहीं है. इस दौरान भी गभर्वती होने की संभावना बनी रहती है. इसके अलावा संक्रमण से बचने के लिए भी इस दौरान संबंध बनाने से परहेज करना चाहिए.

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